- क्या मंगल पांडे और दिलीप जायसवाल दे पाएंगे जवाब? प्रशांत किशोर ने लगाए सनसनीखेज आरोप

क्या मंगल पांडे और दिलीप जायसवाल दे पाएंगे जवाब? प्रशांत किशोर ने लगाए सनसनीखेज आरोप

पीके ने कहा कि मंगल पांडे स्वास्थ्य मंत्री हैं और दिलीप जायसवाल मेडिकल कॉलेज चलाते हैं। पैसे लेते ही मंगल पांडे ने दिलीप जायसवाल के कॉलेज को डीम्ड यूनिवर्सिटी बना दिया।

जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल और स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे पर सनसनीखेज आरोप लगाए हैं। प्रशांत किशोर ने शुक्रवार (08 अगस्त, 2025) को पटना में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बड़ा खुलासा किया। इस मौके पर जन सुराज पार्टी से जुड़े अन्य नेता भी मौजूद थे।

प्रशांत किशोर ने मीडिया से कहा कि बिहार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे और दिलीप जायसवाल एक तरह से भाई हैं। 2020 में जब लोग कोविड से परेशान थे, उस समय मंगल पांडे ने दिलीप जायसवाल की मदद से दिल्ली के द्वारका में 86 लाख रुपये में एक फ्लैट खरीदा था।

पीके ने कहा, "मंगल पांडे के पिता अवधेश पांडे ने अपनी बहू उर्मिला पांडे को फ्लैट खरीदने के लिए 30 लाख रुपये भेजे थे। 6/8/19 को दिलीप जायसवाल ने अपने खाते से मंगल पांडे के पिता को 25 लाख रुपये भेजे। मंगल पांडे के पिता ने ये पैसे अपनी बहू के खाते में भेज दिए। देखिए मंगल पांडे और दिलीप जायसवाल कितने गहरे दोस्त हैं।"

'डॉक्टरों और वेंडरों से पैसे लेते हैं मंगल पांडे'

प्रशांत किशोर ने इस पैसे के बारे में कहा कि मंगल पांडे के 2020 के हलफनामे में इस बात का कोई ज़िक्र नहीं है कि उन्होंने कोई कर्ज़ लिया है। स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे न सिर्फ़ डॉक्टरों और वेंडरों से पैसे लेते हैं, बल्कि अब मंगल पांडे ने अपनी पार्टी के नेता दिलीप जायसवाल से भी रिश्वत लेना शुरू कर दिया है। मंगल पांडे स्वास्थ्य मंत्री हैं और दिलीप जायसवाल एक मेडिकल कॉलेज चलाते हैं। पैसे लेते ही मंगल पांडे ने दिलीप जायसवाल के कॉलेज को डीम्ड यूनिवर्सिटी बना दिया।

एम्बुलेंस ख़रीद में भी हेराफेरी?

प्रशांत किशोर ने आगे आरोप लगाया, "फरवरी 2022 में बिहार के स्वास्थ्य विभाग ने 200 करोड़ रुपये में 1250 एम्बुलेंस खरीदने का टेंडर जारी किया था। कुल 466 एम्बुलेंस, वो भी टाइप सी, बिहार सरकार द्वारा खरीदी गईं। एक एम्बुलेंस की कीमत 19 लाख 58 हज़ार 257 रुपये है। फ़ोर्स मोटर, टाटा मोटर आधिकारिक तौर पर एम्बुलेंस बनाती है। इसी साल 22 अप्रैल को 28 लाख 47 हज़ार 580 रुपये की लागत से एक एम्बुलेंस खरीदी गई। तकनीकी आधार पर टाटा मोटर को टेंडर से हटा दिया गया।"

पीके ने कहा कि गौर करने वाली बात यह है कि बिहार में विभिन्न राज्यों की तुलना में बहुत ज़्यादा दामों पर एम्बुलेंस खरीदी गई हैं। यह बेहद गंभीर मामला है। इसमें भ्रष्टाचार हुआ है। फ़ोर्स मोटर की एम्बुलेंस की बाज़ार कीमत 19 लाख रुपये है और बिहार सरकार ने इसे 28 लाख रुपये में ख़रीदा है। मंगल पांडे के निजी सचिव वर्तमान में बिहार में आयुष्मान कार्ड के प्रमुख हैं। आयुष्मान कार्ड के ज़रिए सबसे ज़्यादा उगाही दिलीप जायसवाल के कॉलेज के ज़रिए की गई।

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