- रिटायरमेंट फंड बनाना आसान है! अपने SIP, EPF और NPS को इस तरह बांटें और आप अपने आप एक बड़ा फंड बना लेंगे।

रिटायरमेंट फंड बनाना आसान है! अपने SIP, EPF और NPS को इस तरह बांटें और आप अपने आप एक बड़ा फंड बना लेंगे।

आज की तेज़-रफ़्तार ज़िंदगी में, हर नौकरीपेशा इंसान की सबसे बड़ी चिंता यह है कि बुढ़ापे में पैसे कहाँ से लाएँगे? महंगाई बढ़ रही है, जॉब सिक्योरिटी कम हो रही है, और रिटायरमेंट के बाद हर महीने एक रेगुलर इनकम पक्का करना पहले से कहीं ज़्यादा ज़रूरी हो गया है।

आज की तेज़-रफ़्तार ज़िंदगी में, हर काम करने वाले इंसान के मन में सबसे बड़ा सवाल यह है कि रिटायरमेंट के बाद क्या होगा? बढ़ती महंगाई, नौकरी का अनिश्चित माहौल, और हेल्थ खर्चों ने लोगों की भविष्य को लेकर चिंताएँ पहले से कहीं ज़्यादा बढ़ा दी हैं। लेकिन अच्छी खबर यह है कि अगर सही समय पर सही स्ट्रेटेजी अपनाई जाए, तो रिटायरमेंट फंड बनाना न तो मुश्किल है और न ही स्ट्रेसफुल। सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP), एम्प्लॉई प्रोविडेंट फंड (EPF), और नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) तीन ऐसे इन्वेस्टमेंट इंस्ट्रूमेंट हैं जो मिलकर बुढ़ापे में फाइनेंशियली सुरक्षित जीवन पक्का कर सकते हैं।

सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP)
SIP आम लोगों के बीच एक पसंदीदा इन्वेस्टमेंट इंस्ट्रूमेंट बन गया है। रेगुलर तौर पर थोड़ी-थोड़ी रकम इन्वेस्ट करके लंबे समय में एक बड़ी रकम बनाई जा सकती है। इक्विटी-बेस्ड SIP, खासकर युवा लोगों के लिए एक बहुत अच्छा एसेट है, क्योंकि उनमें रिस्क लेने की क्षमता और समय दोनों होते हैं। वे महंगाई को मात देने और तेज़ी से रिटर्न पाने का एक बढ़िया ऑप्शन देते हैं।

एम्प्लॉईज़ प्रोविडेंट फंड (EPF)
EPF हर सैलरी पाने वाले कर्मचारी के लिए एक ज़रूरी और भरोसेमंद इन्वेस्टमेंट ऑप्शन है। यह स्टेबल इंटरेस्ट देता है और रिटायरमेंट पर अच्छी-खासी रकम पक्का करता है। जो लोग रिस्क से बचना चाहते हैं, उनके लिए EPF सबसे सुरक्षित इन्वेस्टमेंट ऑप्शन है। वॉलंटरी प्रोविडेंट फंड के ज़रिए और भी इन्वेस्टमेंट किए जा सकते हैं।

नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS)
NPS खास तौर पर रिटायरमेंट को ध्यान में रखकर बनाया गया है। यह इक्विटी और डेट का बैलेंस देता है, और अच्छे टैक्स बेनिफिट देता है। NPS 30 से 45 साल के लोगों के लिए एक स्मार्ट ऑप्शन है, क्योंकि यह लंबे समय में स्टेबिलिटी और ग्रोथ दोनों देता है।

कितना इन्वेस्ट करें और कहाँ? आपकी उम्र के लिए सही फ़ॉर्मूला:
● 20-30 साल: SIP में 60-70% इन्वेस्टमेंट, EPF ज़रूरी, NPS में कम कंट्रीब्यूशन

● 30-40 साल: SIP और EPF में बैलेंस रखें, NPS में ज़्यादा कंट्रीब्यूशन करें
● 50 साल+: EPF और NPS में 60-70% हिस्सा, SIP में कम रिस्क

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