NASA ने एक एस्ट्रोनॉट की बीमारी की वजह से एक बड़ा फैसला लिया है। यह पहली बार है जब किसी एस्ट्रोनॉट को मेडिकल कारणों से स्पेस स्टेशन से वापस लाया जा रहा है।
अमेरिकी स्पेस एजेंसी NASA ने इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) पर चल रहे एक मिशन को समय से पहले खत्म करने की घोषणा की है, जो एक दुर्लभ फैसला है। NASA ने कहा कि यह फैसला एक एस्ट्रोनॉट की सेहत में आई दिक्कत की वजह से लिया गया है। स्पेस एजेंसी ने गुरुवार को घोषणा की कि अमेरिका, जापान और रूस के चार एस्ट्रोनॉट की टीम अगले कुछ दिनों में, तय समय से पहले, धरती पर लौट आएगी। इस स्वास्थ्य समस्या के कारण, NASA ने नए साल का पहला स्पेस वॉक भी रद्द कर दिया।
NASA के चीफ हेल्थ ऑफिसर ने क्या कहा?
मरीज की प्राइवेसी का हवाला देते हुए, NASA ने प्रभावित एस्ट्रोनॉट का नाम या बीमारी का ब्यौरा नहीं बताया। हालांकि, NASA ने साफ किया कि एस्ट्रोनॉट की हालत अब स्थिर है। एजेंसी के चीफ हेल्थ और मेडिकल ऑफिसर, डॉ. जेम्स पोल्क ने कहा कि यह कोई इमरजेंसी नहीं है, लेकिन वे एस्ट्रोनॉट की सुरक्षा के लिए एहतियात बरत रहे हैं। उन्होंने बताया कि यह स्पेस स्टेशन से NASA का पहला मेडिकल इवैक्यूएशन होगा, हालांकि दांत दर्द या कान दर्द जैसी छोटी-मोटी समस्याओं का इलाज पहले भी स्टेशन पर किया जा चुका है।
कम से कम 6 महीने रुकने की योजना थी
धरती पर लौटने वाली चार सदस्यों की टीम अगस्त में स्पेसएक्स स्पेसक्राफ्ट से स्पेस स्टेशन पहुंची थी और उन्होंने वहां कम से कम छह महीने रुकने की योजना बनाई थी। इस टीम में NASA के जीना कार्डमैन और माइक फिंके, जापान के किमिया यूई और रूस के ओलेग प्लाटोनोव शामिल हैं। फिंके और कार्डमैन को नए सोलर पैनल लगाने की तैयारी के लिए स्पेस वॉक करना था, जिससे स्पेस स्टेशन को अतिरिक्त बिजली मिलती। यह फिंके की स्पेस स्टेशन की चौथी यात्रा थी और यूई की दूसरी। कार्डमैन और प्लाटोनोव अपने पहले स्पेस मिशन पर थे।
स्पेस स्टेशन पर तीन और एस्ट्रोनॉट भी मौजूद हैं
यह ध्यान देने वाली बात है कि इस समय स्पेस स्टेशन पर तीन और एस्ट्रोनॉट भी मौजूद हैं। इनमें NASA के क्रिस विलियम्स और रूस के सर्गेई मिकायेव और सर्गेई कुड-स्वर्चकोव शामिल हैं। वे आठ महीने रुकने के लिए नवंबर में सोयुज रॉकेट से स्पेस स्टेशन पहुंचे थे। ये तीनों एस्ट्रोनॉट अब इस गर्मी में धरती पर लौटेंगे। NASA ने SpaceX को 2030 के आखिर या 2031 की शुरुआत में स्पेस स्टेशन को सुरक्षित रूप से समुद्र के ऊपर डीऑर्बिट करने का काम सौंपा है।