बिहार राज्य अल्पसंख्यक विभाग के चेयरमैन गुलाम रसूल बलियावी ने बिहार के पुलिस महानिदेशक (DGP) को एक चिट्ठी लिखी। इस दौरान उन्होंने विपक्ष की आलोचना भी की।
बिहार राज्य अल्पसंख्यक विभाग के चेयरमैन गुलाम रसूल बलियावी ने DGP और मुख्य सचिव को एक चिट्ठी लिखी। उन्होंने राज्य में मॉब लिंचिंग की घटनाओं पर अपनी नाराज़गी ज़ाहिर की। चिट्ठी में उन्होंने बिहार में अल्पसंख्यकों के साथ दुर्व्यवहार और मारपीट पर चिंता जताई।
बिहार राज्य अल्पसंख्यक आयोग के चेयरमैन गुलाम रसूल बलियावी ने रविवार (11 जनवरी) को ABP को एक खास इंटरव्यू दिया। इंटरव्यू के दौरान उन्होंने कहा कि बिहार में हो रही घटनाएं 2025 के विधानसभा चुनावों के बाद शुरू हुई हैं। विपक्ष बिहार में सांप्रदायिक सद्भाव बिगाड़ने की कोशिश कर रहा है।
गुलाम रसूल बलियावी ने विपक्ष पर निशाना साधा
राज्य अल्पसंख्यक आयोग के चेयरमैन गुलाम रसूल बलियावी ने विपक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जो लोग चुनाव नतीजे घोषित होने से पहले ही मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने की बात कर रहे थे, वे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सांप्रदायिकता पर ज़ीरो-टॉलरेंस की नीति को कमज़ोर करने की कोशिश कर रहे हैं।
उन्होंने आगे कहा कि उन्हें चिट्ठी लिखना ज़रूरी था क्योंकि वह यह संदेश देना चाहते थे कि जो भी अल्पसंख्यकों को दबाएगा, उसे जवाब देना होगा। गुलाम रसूल बलियावी ने कहा कि सुपौल में मॉब लिंचिंग की घटना को अंजाम देने वाले अब जेल में हैं।
'नवादा में मुस्लिम को पीटने वाले जेल में हैं'
गुलाम रसूल बलियावी ने आगे कहा कि नवादा में बिहार शरीफ के एक मुस्लिम को पीटने वाले 12 लोग, जिनकी वजह से उसकी मौत हो गई थी, अब जेल में हैं। किसी को बख्शा नहीं जा रहा है।
DGP को दी गई चिट्ठी में गुलाम रसूल ने मॉब लिंचिंग के मामलों पर तुरंत कार्रवाई की मांग की। उन्होंने आरोपियों के खिलाफ तुरंत FIR दर्ज करने की भी मांग की। गुलाम रसूल ने यह भी मांग की कि मृतक के परिवार को जल्द से जल्द आर्थिक मदद और सुरक्षा दी जाए।