- 'इकोनॉमी, महंगाई और व्यापार', जानिए ईरान-इज़राइल युद्ध का भारत पर क्या असर पड़ सकता है?

'इकोनॉमी, महंगाई और व्यापार', जानिए ईरान-इज़राइल युद्ध का भारत पर क्या असर पड़ सकता है?

ईरान और इज़राइल के बीच जंग छिड़ गई है। दोनों तरफ से बैलिस्टिक मिसाइलें दागी जा रही हैं। US भी इस लड़ाई में शामिल हो गया है। इस जंग का भारत पर क्या असर पड़ सकता है?

ईरान पर इज़राइल और US के जॉइंट एयरस्ट्राइक से मिडिल ईस्ट में टेंशन बढ़ गया है। इज़राइली डिफेंस मिनिस्टर इज़राइल काट्ज़ ने इसे "पहले से किया गया हमला" बताया, जबकि US प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने "बड़े कॉम्बैट ऑपरेशन" का ऐलान किया। तेहरान, क़ोम और इस्फ़हान समेत कई शहरों में धमाकों की खबर है। ईरान ने भी जवाबी हमले किए हैं। ईरान ने इज़राइल पर 30 से ज़्यादा बैलिस्टिक मिसाइलें दागी हैं। इस बीच, एक्सपर्ट्स का मानना ​​है कि अगर यह जंग बढ़ती है, तो इसका भारत की इकॉनमी, एनर्जी सिक्योरिटी, ट्रेड और स्ट्रेटेजिक इंटरेस्ट पर गहरा असर पड़ सकता है।

क्रूड ऑयल की कीमतों में तेज़ बढ़ोतरी का डर
भारत अपनी तेल ज़रूरतों का 80-85% इम्पोर्ट पर डिपेंड करता है। इनमें से, गल्फ रीजन (सऊदी अरब, इराक और UAE) का एक बड़ा हिस्सा है। रोज़ाना लाखों बैरल तेल होर्मुज स्ट्रेट से गुज़रता है, जो दुनिया भर के तेल व्यापार का एक बड़ा हिस्सा है। अगर ईरान इस रास्ते को रोककर जवाबी कार्रवाई करता है, तो सप्लाई में रुकावट आ सकती है। ब्रेंट क्रूड की कीमतें पहले ही लगभग $67 तक पहुँच चुकी हैं। आज के ताज़ा हमलों से कीमतों में और बढ़ोतरी होने की उम्मीद है। अगर यह युद्ध लंबा चला, तो पेट्रोल, डीज़ल, LPG और ट्रांसपोर्टेशन का खर्च बढ़ सकता है।

गाँव और मिडिल क्लास पर बोझ पड़ सकता है।

इससे आने वाले दिनों में महंगाई बढ़ सकती है, खासकर गाँव और मिडिल क्लास के लिए। इंडस्ट्री, एयरलाइंस और आम कंज्यूमर पर असर पड़ेगा। सरकार पहले से ही रूस से इंपोर्ट बढ़ा रही है। हालाँकि, लंबा युद्ध मुश्किलें बढ़ा सकता है।

स्टॉक मार्केट और व्यापार पर दबाव का डर
आज के हमलों से भारतीय स्टॉक मार्केट में बिकवाली का दबाव बढ़ सकता है। ग्लोबल अनिश्चितता के कारण निवेशकों के सावधान रहने से सेंसेक्स और निफ्टी में गिरावट की उम्मीद है। रेड सी और होर्मुज स्ट्रेट के रास्तों में रुकावट से जहाज़ों को लंबे रास्ते (केप ऑफ़ गुड होप के आसपास) लेने पड़ सकते हैं, जिससे शिपिंग का खर्च बढ़ सकता है। भारत का एक्सपोर्ट (बासमती चावल, दवाइयां, टेक्सटाइल) और महंगा हो सकता है। ईरान से दालों, ड्राई फ्रूट्स और फर्टिलाइजर का इंपोर्ट, जो पहले ही कम हो चुका है, उस पर असर पड़ सकता है।

भारत ने एडवाइजरी जारी की
भारत और इज़राइल के बीच मजबूत डिफेंस और टेक्नोलॉजिकल रिश्ते हैं। भारत ने इज़राइल में रहने वाले अपने नागरिकों के लिए एक एडवाइजरी जारी की है, जिसमें उन्हें "बहुत सावधानी" बरतने और "हर समय चौकन्ना रहने" की सलाह दी गई है। खाड़ी देशों में काम करने वाले लाखों भारतीयों की सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है। उन्हें भारत वापस लाने के लिए ऑपरेशन शुरू किए जा सकते हैं।

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