- **योगी सरकार ने मिशन कर्मयोगी ट्रेनिंग को तेज़ किया: 5.41 लाख से ज़्यादा कर्मियों ने चार से अधिक कोर्स पूरे किए**

**योगी सरकार ने मिशन कर्मयोगी ट्रेनिंग को तेज़ किया: 5.41 लाख से ज़्यादा कर्मियों ने चार से अधिक कोर्स पूरे किए**

'मिशन कर्मयोगी' के ज़रिए, योगी सरकार कर्मचारियों को आधुनिक और कुशल प्रशासनिक कार्य पद्धतियों में तेज़ी से प्रशिक्षित कर रही है, जिससे सुशासन और सेवा की गुणवत्ता में काफ़ी सुधार हुआ है।


शिक्षा व्यवस्था के साथ-साथ, योगी सरकार अपने कर्मचारियों और अधिकारियों की कार्य कुशलता, डिजिटल दक्षता और प्रशासनिक क्षमताओं को लगातार मज़बूत कर रही है। 'मिशन कर्मयोगी' प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत, उत्तर प्रदेश ने काफ़ी गति पकड़ी है और शानदार प्रदर्शन किया है। आँकड़ों के अनुसार, राज्य में 541,000 से ज़्यादा कर्मचारियों ने चार से ज़्यादा प्रशिक्षण मॉड्यूल सफलतापूर्वक पूरे कर लिए हैं। यह कुल पंजीकृत कर्मचारियों का 88.16 प्रतिशत है।

राज्य के प्रशासनिक ढाँचे को एक प्रौद्योगिकी-संचालित, जवाबदेह और परिणाम-उन्मुख प्रणाली में बदलने के लिए तेज़ी से कदम उठाए जा रहे हैं। मिशन कर्मयोगी के ज़रिए, कर्मचारियों को डिजिटल कार्य पद्धतियों, ई-गवर्नेंस और आधुनिक प्रशासनिक दक्षताओं से परिचित कराया जा रहा है, जिससे स्कूली शिक्षा प्रणाली को और भी ज़्यादा प्रभावी बनाने में मदद मिल रही है। इस प्रशिक्षण पहल ने न केवल कर्मचारियों की कार्य कुशलता बढ़ाई है, बल्कि निगरानी तंत्र, योजनाओं के कार्यान्वयन और सेवा वितरण प्रणालियों को भी मज़बूत किया है। योगी सरकार की इस पहल को उत्तर प्रदेश के प्रशासनिक ढाँचे को पारंपरिक संरचना से एक डिजिटल, कुशल और परिणाम-उन्मुख प्रणाली में बदलने की दिशा में एक अहम कदम माना जाता है।


**प्रौद्योगिकी-आधारित मॉडलों को प्राथमिकता**

प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य कर्मचारियों को आधुनिक प्रशासनिक कार्य पद्धतियों, डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म और प्रभावी सेवा वितरण प्रणालियों से जोड़ना है, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि सरकारी योजनाओं का लाभ ज़मीनी स्तर तक ज़्यादा तेज़ी से पहुँचे। राज्य सरकार अब शिक्षा और प्रशासन, दोनों ही क्षेत्रों में प्रौद्योगिकी-आधारित मॉडलों को प्राथमिकता दे रही है।

**पोर्टल पर 614,245 कर्मचारी पंजीकृत**

हाल ही में जारी प्रगति रिपोर्ट के अनुसार, राज्य में कुल 700,000 कर्मचारियों में से 614,245 ने पोर्टल पर पंजीकरण कराया है। इनमें से 541,512 कर्मचारियों ने चार से ज़्यादा प्रशिक्षण पाठ्यक्रम सफलतापूर्वक पूरे कर लिए हैं। एक उल्लेखनीय बात यह है कि राज्य में केवल 0.50 प्रतिशत कर्मचारियों की स्थिति 'शून्य शिक्षण' (zero learning) वाली है, जबकि कर्मचारियों का एक बड़ा हिस्सा लगातार अपने प्रशिक्षण मॉड्यूल पूरे कर रहा है।

 **कई ज़िलों का शानदार प्रदर्शन**

कई ज़िलों ने मिशन कर्मयोगी प्रशिक्षण कार्यक्रम में उल्लेखनीय प्रदर्शन किया है। बागपत में 97.24 प्रतिशत कर्मचारियों ने चार से अधिक कोर्स पूरे किए, जबकि संत कबीर नगर में यह आंकड़ा 97.13 प्रतिशत दर्ज किया गया। इसके अलावा, मथुरा और बस्ती में 95.68 प्रतिशत, बाराबंकी में 94.95 प्रतिशत, श्रावस्ती में 94.21 प्रतिशत और सिद्धार्थनगर में 92.94 प्रतिशत कर्मचारियों ने चार से अधिक ट्रेनिंग मॉड्यूल सफलतापूर्वक पूरे किए। साथ ही, अलीगढ़ में 94.22 प्रतिशत, वाराणसी में 91.09 प्रतिशत, लखनऊ में 89.70 प्रतिशत और प्रयागराज में 87.09 प्रतिशत कर्मचारियों ने अपनी ट्रेनिंग पूरी कर ली है।

**डिजिटल और कुशल प्रशासन पर ज़ोर**

योगी सरकार पहले से ही डिजिटल मॉनिटरिंग, ई-ऑफिस सिस्टम, टेक्नोलॉजी-आधारित शिक्षा प्रबंधन और ऑनलाइन ट्रेनिंग सिस्टम को तेज़ी से आगे बढ़ा रही है। अब, मिशन कर्मयोगी के ज़रिए, कर्मचारियों की क्षमताओं को और बढ़ाने और कार्य संस्कृति को मज़बूत करने के प्रयास किए जा रहे हैं।


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