- भारतीय वायु सेना और भी अधिक मारक बनी... DRDO के सहयोग से 'रुद्रम-II' मिसाइल का सफल परीक्षण किया।

भारतीय वायु सेना और भी अधिक मारक बनी... DRDO के सहयोग से 'रुद्रम-II' मिसाइल का सफल परीक्षण किया।

भारतीय वायु सेना की क्षमताओं में एक महत्वपूर्ण बढ़ोतरी हुई है। DRDO के सहयोग से, वायु सेना ने रुद्रम-II मिसाइल का सफलतापूर्वक परीक्षण किया है। यह परीक्षण एक हवाई प्लेटफॉर्म से किया गया था।


रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) और भारतीय वायु सेना ने मंगलवार को एक हवाई प्लेटफॉर्म से रुद्रम-II मिसाइल का सफलतापूर्वक उड़ान परीक्षण किया। रुद्रम-II एक हवा से सतह पर मार करने वाली मिसाइल है। DRDO ने बताया कि मिसाइल का परीक्षण अत्यंत चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में किया गया, जिसमें एक ऐसी महत्वपूर्ण उड़ान पथ (trajectory) शामिल थी जिसे सभी उप-प्रणालियों की क्षमताओं को प्रमाणित करने के लिए डिज़ाइन किया गया था।

उपलब्ध जानकारी के अनुसार, लॉन्च के बाद, मिसाइल ने अपने पहले से निर्धारित लक्ष्य पर सटीक निशाना लगाया। चांदीपुर स्थित इंटीग्रेटेड टेस्ट रेंज (ITR) द्वारा तैनात विभिन्न रेंज उपकरणों से प्राप्त उड़ान डेटा स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि इस परीक्षण के सभी उद्देश्य सफलतापूर्वक पूरे हुए।

**मिसाइल के विकास में योगदान**
रुद्रम-II मिसाइल को हैदराबाद स्थित रिसर्च सेंटर इमारत (RCI)—जो DRDO की नोडल प्रयोगशाला है—द्वारा स्वदेशी रूप से विकसित किया गया था। इस मिसाइल के विकास में विभिन्न सहयोगी प्रयोगशालाओं के संयुक्त प्रयास शामिल थे, जिनमें डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट लेबोरेटरी (DRDL), हाई एनर्जी मैटेरियल्स रिसर्च लेबोरेटरी (HEMRL), आर्मामेंट रिसर्च एंड डेवलपमेंट एस्टैब्लिशमेंट (ARDE), और ITR शामिल हैं। इसके अलावा, डेवलपमेंट-कम-प्रोडक्शन पार्टनर्स (DCPP), हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL), रीजनल सेंटर फॉर मिलिट्री एयरवर्थनेस (RCMA), मिसाइल सिस्टम क्वालिटी एश्योरेंस एजेंसी (MSQAA), और कई अन्य उद्योगों ने इस उपलब्धि को हासिल करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

**रुद्रम-II की मुख्य विशेषताएं क्या हैं?**
रुद्रम-II एक स्वदेशी रूप से विकसित, ठोस-ईंधन (solid-propellant) वाली, हवा से लॉन्च की जाने वाली मिसाइल प्रणाली है जो दुश्मन के विभिन्न प्रकार के लक्ष्यों को नष्ट करने में सक्षम है। रुद्रम-II मिसाइल प्रणाली में रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) के अंतर्गत विभिन्न प्रयोगशालाओं द्वारा विकसित कई अत्याधुनिक स्वदेशी प्रौद्योगिकियां शामिल हैं। 

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सराहना व्यक्त की
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रुद्रम-II मिसाइल के सफल परीक्षण पर DRDO और भारतीय वायु सेना को बधाई दी है। रक्षा मंत्री ने मिसाइल के सफल परीक्षण के लिए DRDO, भारतीय वायु सेना, रक्षा उपक्रमों और उद्योग क्षेत्र के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह परीक्षण स्वदेशी रक्षा प्रौद्योगिकी की बढ़ती परिपक्वता को दर्शाता है। यह उन्नत हथियार प्रणालियों के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान देता है।



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