सांसदों के सस्पेंशन के खिलाफ चल रहे विरोध-प्रदर्शन के बीच INDIA गठबंधन में दरार आ गई है। शिवसेना (UBT) आखिरी समय में न्योता मिलने से नाराज़ है। इसलिए, UBT गुट का कोई भी प्रतिनिधि आज राष्ट्रपति से मिलने वाले विपक्षी प्रतिनिधिमंडल में शामिल नहीं होगा।
सांसदों के सस्पेंशन और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर विरोध-प्रदर्शन को लेकर INDIA गठबंधन के अंदर अब आपसी मतभेद सामने आ रहे हैं। राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी पिछले तीन दिनों से दिल्ली में विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं। जहां कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों का एक प्रतिनिधिमंडल आज रात (शुक्रवार) राष्ट्रपति से मिलने वाला है, वहीं उद्धव ठाकरे की शिवसेना (UBT) इस प्रतिनिधिमंडल में शामिल नहीं होगी।
**आखिरी समय में न्योता मिलने से शिवसेना (UBT) नाराज़**
सूत्रों के अनुसार, शिवसेना (UBT) का दावा है कि उन्हें आखिरी समय में न्योता दिया गया। इस बीच, उद्धव ठाकरे आज मुंबई में सांसदों और विभाग प्रमुखों के साथ बैठक कर रहे हैं, जिससे पार्टी के सांसद दिल्ली नहीं पहुंच पा रहे हैं। संजय राउत भी पुणे के दो दिवसीय दौरे पर गए हुए हैं।
**महा विकास अघाड़ी में सब ठीक नहीं: शेलार**
बीजेपी ने शिवसेना (UBT) के फैसले को लेकर INDIA गठबंधन पर निशाना साधा है। महाराष्ट्र के मंत्री और बीजेपी नेता आशीष शेलार ने कहा कि INDIA गठबंधन और महा विकास अघाड़ी के अंदर सब कुछ ठीक नहीं है। उनके अनुसार, नाराज़ और नाकाम नेता सिर्फ़ बीजेपी और मोदी सरकार का विरोध करने के लिए एकजुट हुए हैं, लेकिन वे इस कोशिश में भी सफल नहीं होंगे।
**ममता और SP के साथ मतभेदों के बाद अब UBT के साथ भी कांग्रेस के मतभेद**
विपक्षी दलों के बीच मतभेदों का ज़िक्र करते हुए आशीष शेलार ने कहा कि कांग्रेस ममता बनर्जी की पीठ पीछे मज़ाक उड़ाती है, समाजवादी पार्टी कांग्रेस को उसकी "औकात" दिखाने की बात करती है, और अब शिवसेना (UBT) भी कांग्रेस के साथ नहीं खड़ी है। विपक्षी गठबंधन को नाकाम नेताओं का समूह बताते हुए शेलार ने कहा कि यह गठबंधन कभी सफल नहीं होगा। इससे यह सवाल उठता है कि क्या SIR के खिलाफ विपक्ष के अभियान को लेकर INDIA गठबंधन में दरार आ रही है, या शिवसेना (UBT) का फैसला सिर्फ़ समय की कमी और पहले से तय कार्यक्रमों की वजह से है।
**विपक्ष के नेता आज रात 8 बजे राष्ट्रपति से मिलेंगे**
गौरतलब है कि INDIA गठबंधन के नेता आज रात 8 बजे राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात करेंगे। यह बैठक चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर बुलाई गई है। सूत्रों के मुताबिक, राष्ट्रपति कार्यालय ने आज सुबह इस बैठक की पुष्टि की। राष्ट्रपति मुर्मू से मिलने वाले प्रतिनिधिमंडल में 10 सदस्य शामिल होंगे, जिनमें कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी शामिल हैं।