उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी (SP) और कांग्रेस के बीच सीट-बंटवारे की तैयारियां तेज हो गई हैं। सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस ने यूपी चुनावों के लिए 150 सीटों की एक सूची तैयार की है, और इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी खुद प्रियंका गांधी कर रही हैं।
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के बीच गठबंधन को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं। कांग्रेस पार्टी ने इस संभावित गठबंधन के लिए अपनी रणनीति पहले ही तय कर ली है। वहीं, SP प्रमुख अखिलेश यादव ने भी कांग्रेस को साथ मिलकर चुनाव लड़ने का प्रस्ताव दिया है। इस संदर्भ में, प्रियंका गांधी ने यूपी विधानसभा चुनाव प्रचार की कमान संभाल ली है। उन्होंने उन सीटों की सूची तैयार की है जिन पर कांग्रेस चुनाव लड़ना चाहती है। साथ ही, वह पार्टी नेताओं के साथ लगातार बैठकें कर रही हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि किन सीटों पर कांग्रेस की स्थिति मजबूत है। माना जा रहा है कि कांग्रेस यूपी में 150 से ज्यादा सीटों पर दावा कर सकती है।
चुनाव को लेकर सक्रिय हैं प्रियंका गांधी
आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी काफी सक्रिय नजर आ रही हैं। सूत्रों के मुताबिक, सोमवार को उन्होंने पार्टी के यूपी प्रभारी, प्रदेश अध्यक्ष और कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष इमरान मसूद के साथ मुलाकात की। इस बैठक के दौरान, पार्टी ने उन सीटों की सूची को अंतिम रूप दिया, जिन पर वह उत्तर प्रदेश में चुनाव लड़ना चाहती है।
सीट-बंटवारे के लिए टीम बनाएगी कांग्रेस
सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस जल्द ही एक टीम बनाएगी जो समाजवादी पार्टी के साथ बातचीत करेगी। यह टीम सीट-बंटवारे को लेकर बातचीत करेगी। उम्मीद है कि दोनों पार्टियां उन सीटों का आंतरिक आकलन करेंगी जिन पर वे चुनाव लड़ना चाहती हैं। इसके बाद वे अपनी-अपनी सूचियां साझा करेंगी और फिर आमने-सामने बैठकर सीटों के बंटवारे को अंतिम रूप देंगी।
SP का प्रस्ताव क्या है?
हालांकि समाजवादी पार्टी और कांग्रेस दोनों ही मिलकर चुनाव लड़ने के इच्छुक हैं, लेकिन सीट-बंटवारे का मुद्दा एक पेच बन सकता है। जहां कांग्रेस ज्यादा से ज्यादा सीटों पर चुनाव लड़ना चाहती है, वहीं समाजवादी पार्टी ने सीट-बंटवारे के लिए एक अलग फॉर्मूला पेश किया है। हाल ही में, अखिलेश यादव ने स्पष्ट रूप से कहा कि भले ही चुनावों के लिए कांग्रेस के साथ गठबंधन होगा, लेकिन सीटों के बंटवारे का आधार 'जीत की संभावना' होगी। जो पार्टी या उम्मीदवार किसी खास सीट को जीतने की क्षमता रखता है, उसी का उस सीट पर दावा होना चाहिए।