- 2254.35 करोड़ रुपये का बजट... 61.62 km से ज़्यादा का नेटवर्क, जानें नोएडा मेट्रो एक्वा लाइन का रूट मैप

2254.35 करोड़ रुपये का बजट... 61.62 km से ज़्यादा का नेटवर्क, जानें नोएडा मेट्रो एक्वा लाइन का रूट मैप

नोएडा मेट्रो की एक्वा लाइन को ₹2,254.35 करोड़ की लागत से बढ़ाया जाएगा। बॉटनिकल गार्डन से सेक्टर 142 तक 11.6 km का नया कॉरिडोर बनाया जाएगा, जिससे नेटवर्क की लंबाई 61.62 km से ज़्यादा हो जाएगी।

NCR में मेट्रो नेटवर्क को नई रफ़्तार मिलने वाली है। नोएडा मेट्रो की एक्वा लाइन को ₹2,254.35 करोड़ की लागत से बढ़ाया जाएगा, जिससे नेटवर्क की कुल लंबाई 61.62 km से ज़्यादा हो जाएगी। आर्थिक मामलों की केंद्रीय कैबिनेट कमेटी की मंज़ूरी से इस प्रोजेक्ट का रास्ता साफ़ हो गया है।

बॉटनिकल गार्डन से सेक्टर 142 तक का नया कॉरिडोर न सिर्फ़ दिल्ली मेट्रो से सीधी कनेक्टिविटी देगा, बल्कि लाखों रोज़ाना आने-जाने वालों को भी काफ़ी राहत देगा।

नया कॉरिडोर 11.6 km लंबा होगा।
यह नया एक्सटेंशन लगभग 11.6 km लंबा होगा। यह बॉटनिकल गार्डन मेट्रो स्टेशन को नोएडा सेक्टर 142 मेट्रो स्टेशन से जोड़ेगा। अभी, एक्वा लाइन नोएडा और ग्रेटर नोएडा के बीच चलती है, लेकिन बॉटनिकल गार्डन से जुड़ने के बाद यह सीधे दिल्ली मेट्रो नेटवर्क से जुड़ जाएगी।

प्रोजेक्ट पूरा होने के बाद, नोएडा और ग्रेटर नोएडा में मेट्रो नेटवर्क की कुल लंबाई 61 किलोमीटर से ज़्यादा हो जाएगी। सरकार का लक्ष्य इस प्रोजेक्ट को चार साल के अंदर पूरा करना है।

बॉटनिकल गार्डन एक बड़ा इंटरचेंज हब बनेगा
बॉटनिकल गार्डन स्टेशन इस विस्तार का एक अहम हिस्सा होगा। यहां, नोएडा मेट्रो की एक्वा लाइन सीधे दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन की ब्लू और मैजेंटा लाइनों से जुड़ जाएगी। इसका मतलब है कि यात्रियों को अब लाइन बदलने के लिए लंबा चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा।

दिल्ली एयरपोर्ट, बड़े रेलवे स्टेशनों और दूसरी ज़रूरी जगहों तक पहुंच बहुत आसान हो जाएगी। यह रोज़ाना ऑफिस आने-जाने वालों के लिए एक बड़ा बदलाव साबित हो सकता है।

8 नए एलिवेटेड स्टेशन बनेंगे
बॉटैनिकल गार्डन और सेक्टर 142 के बीच इस कॉरिडोर पर कुल 8 नए एलिवेटेड स्टेशन बनेंगे। इनमें बॉटनिकल गार्डन, सेक्टर 44, नोएडा ऑफिस, सेक्टर 97, सेक्टर 105, सेक्टर 108, सेक्टर 93 और पंचशील बॉयज इंटर कॉलेज स्टेशन शामिल हैं।

इन स्टेशनों के बनने से आस-पास के रेजिडेंशियल और बिजनेस एरिया को सीधा फायदा होगा। सेक्टर 93, 105 और 108 जैसे इलाकों में रहने वाले लोगों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी।

नोएडा और ग्रेटर नोएडा में ट्रैफिक जाम एक बड़ी समस्या बन गई है। पीक आवर्स में खासकर सेक्टर 62, 137, 142 और एक्सप्रेसवे के किनारे लंबा ट्रैफिक जाम लगता है। मेट्रो के विस्तार से ट्रैफिक जाम कम होने की उम्मीद है।

जब लोग अपनी पर्सनल गाड़ियों से मेट्रो में जाएंगे, तो सफर का समय कम होगा, पेट्रोल और डीजल की बचत होगी और सड़क दुर्घटनाएं भी कम हो सकती हैं।

मेट्रो रेल को रोड ट्रांसपोर्ट के मुकाबले ज्यादा एनवायरनमेंट फ्रेंडली माना जाता है, जिससे कार्बन एमिशन कम होता है। एक्वा लाइन के इस एक्सटेंशन से प्रदूषण कम करने में भी मदद मिलेगी। दिल्ली-NCR पहले से ही एयर पॉल्यूशन से जूझ रहा है। इसलिए, पब्लिक ट्रांसपोर्ट को बढ़ावा देना बहुत ज़रूरी है।

बिज़नेस और इन्वेस्टमेंट को बढ़ावा मिलेगा
इस कॉरिडोर पर कई बड़े कमर्शियल सेंटर और IT कंपनियाँ हैं। खास जगहों में सेक्टर 142 में एडवांट बिज़नेस पार्क, सेक्टर 98 में स्काईमार्क वन मॉल और सेक्टर 93 में मॉल ऑफ़ नोएडा शामिल हैं।

इसके अलावा, माइक्रोसॉफ्ट, TCS, इंफोसिस, कॉग्निजेंट, एडोब और ओरेकल जैसी बड़ी कंपनियों के भी नोएडा के अलग-अलग सेक्टरों में ऑफिस हैं। बेहतर मेट्रो कनेक्टिविटी से कर्मचारियों का आना-जाना आसान होगा और नए इन्वेस्टमेंट को भी बढ़ावा मिल सकता है।

स्टूडेंट्स और मरीज़ों के लिए राहत
एमिटी यूनिवर्सिटी, पंचशील बॉयज़ इंटर कॉलेज और महामाया गर्ल्स इंटर कॉलेज जैसे एजुकेशनल इंस्टिट्यूट इस रूट पर हैं। इससे स्टूडेंट्स के रोज़ाना आने-जाने में आसानी होगी। सेक्टर 128 में मैक्स सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल जैसे बड़े हॉस्पिटल तक पहुँचना भी आसान हो जाएगा, जिससे मरीज़ों और उनके परिवारों को राहत मिलेगी।

यह एक्सटेंशन बोडाकी में प्रस्तावित मल्टी-मॉडल ट्रांसपोर्टेशन हब से भी जुड़ेगा। भविष्य में, इससे ट्रेन, बस और मेट्रो के बीच बेहतर कनेक्टिविटी हो सकेगी। इससे दिल्ली-NCR में यात्रा और आसान होने की उम्मीद है।

कुल मिलाकर, यह एक्वा लाइन एक्सटेंशन दिल्ली-NCR में पब्लिक ट्रांसपोर्ट को मज़बूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। इससे रोज़ाना लाखों यात्रियों को फ़ायदा होगा।

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