- अनुराग ठाकुर ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार को चिंतपूर्णी के लिए 50 करोड़ रुपये मिले, लेकिन वह इसे खर्च करने में विफल रही।

अनुराग ठाकुर ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार को चिंतपूर्णी के लिए 50 करोड़ रुपये मिले, लेकिन वह इसे खर्च करने में विफल रही।

अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि केंद्र सरकार ने चिंतपूर्णी के लिए ₹50 करोड़ दिए, लेकिन कांग्रेस सरकार सालों से इसे खर्च नहीं कर पाई, जिससे विकास पर असर पड़ा।

पूर्व केंद्रीय मंत्री और हमीरपुर लोकसभा क्षेत्र से सांसद अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि केंद्र सरकार ने चिंतपूर्णी के विकास के लिए ₹50 करोड़ दिए, लेकिन कांग्रेस सरकार सालों से इसे खर्च नहीं कर पाई। उन्होंने यह बयान नोएडा में शिव शक्ति सिद्ध श्री बाबा बालकनाथ वेलफेयर सोसाइटी के 17वें स्थापना दिवस समारोह में दिया। स्थानीय सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. महेश शर्मा भी इस कार्यक्रम में मौजूद थे।

दोनों नेताओं ने बाबा बालकनाथ की पूजा की और उनकी शिक्षाओं और जीवन की कहानियों पर प्रकाश डाला। इस मौके पर बाबा बालकनाथ से जुड़ी एक स्मारिका और कैलेंडर भी जारी किया गया। बड़ी संख्या में हिमाचली समुदाय के लोगों ने कार्यक्रम में श्रद्धा और उत्साह के साथ भाग लिया।

विदेशी हमलों का पहला झटका हमारी आस्था पर पड़ा - अनुराग
अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि हिमाचल प्रदेश से बाहर जाने वाला हर हिमाचली विदेश में खुद को मजबूती से स्थापित करने का सपना देखता है। ताकि जब मौका मिले, तो यह हिमाचल की पवित्र धरती के काम आ सके। यह देखकर बहुत खुशी हो रही है कि शिव शक्ति सिद्ध श्री बाबा बालकनाथ वेलफेयर सोसाइटी (रजिस्टर्ड) ने नोएडा में इतना भव्य बाबा बालकनाथ मंदिर बनाकर हमारी संस्कृति को हिमाचल के बाहर भी स्थापित किया है। भारत के मंदिर भारत की आत्मा के प्रतीक रहे हैं। सदियों से ये मंदिर ज्ञान, संस्कृति और चेतना के केंद्र रहे हैं। इसलिए, विदेशी हमलों के दौरान पहला हमला हमारी आस्था और स्वाभिमान पर हुआ। राम जन्मभूमि, काशी विश्वनाथ और सोमनाथ—न सिर्फ मंदिर तोड़े गए, बल्कि भारत के आत्मविश्वास को कमजोर करने की कोशिश की गई। सदियों की गुलामी के बाद आजाद भारत में भी कई दशकों तक सांस्कृतिक विरासत को लेकर हिचकिचाहट और अनदेखी बनी रही।

भारत ने गर्व से अपनी सांस्कृतिक जड़ों को अपनाया - अनुराग सिंह ठाकुर
अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि 2014 से आदरणीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने गर्व से अपनी सांस्कृतिक जड़ों को अपनाया है। मोदी सरकार ने मंदिरों को सिर्फ आस्था के केंद्रों से ही नहीं, बल्कि संस्कृति, टूरिज्म, रोजगार और विकास से भी जोड़ा है। प्रधानमंत्री मोदी की लीडरशिप में, देश ने मंदिर कॉरिडोर और तीर्थ स्थलों का पहले कभी नहीं हुआ रीडेवलपमेंट देखा है। काशी विश्वनाथ कॉरिडोर, महाकाल लोक उज्जैन, माँ कामाख्या मंदिर, राम मंदिर अयोध्या, केदारनाथ धाम और जूना सोमनाथ मंदिर के रेस्टोरेशन ने भारत की आध्यात्मिक आत्मा को फिर से ज़िंदा किया है। ये प्रोजेक्ट धार्मिक भावनाओं के लिए ज़रूरी होने के साथ-साथ लोकल इकॉनमी और टूरिज़्म को भी बढ़ावा दे रहे हैं। आज दुनिया देख रही है कि कैसे भारत अपनी विरासत को संभालते हुए, पूरे भरोसे के साथ एक डेवलप्ड इंडिया की ओर बढ़ रहा है।

कांग्रेस सरकार हिमाचल का विकास करने में नाकाम - ठाकुर
अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि धार्मिक स्थलों को सुंदर बनाने और उनके आस-पास सुविधाएं बढ़ाने के प्रति कांग्रेस सरकार की बेपरवाही दुखद है। चिंतपूर्णी माता मंदिर के लिए ₹50 करोड़ दिए गए थे, लेकिन राज्य सरकार इसे खर्च नहीं कर पा रही है। अगर हमें यह मौका मिलता, तो हम चिंतपूर्णी धाम को और भी दिव्य और भव्य बनाने के लिए केंद्र सरकार से ₹50 करोड़ और राज्य सरकार से ₹200 करोड़ इन्वेस्ट करते। कांग्रेस सरकार की नाकामी के कारण हिमाचल विकास और विरासत दोनों में पिछड़ रहा है।

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