पंजाब में 102 स्थानीय निकायों के चुनावों के लिए वोटों की गिनती कड़ी सुरक्षा के बीच शुरू हो गई है। 7,554 उम्मीदवारों का भविष्य दांव पर होने के कारण, सभी प्रमुख राजनीतिक दल नतीजों पर पैनी नज़र रखे हुए हैं।
पंजाब के स्थानीय निकाय चुनावों के लिए वोटों की गिनती शुक्रवार (29 मई) सुबह 8:00 बजे से चल रही है, जिसे कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के तहत किया जा रहा है। पूरे राज्य में मतगणना केंद्रों पर विशेष सुरक्षा उपाय लागू किए गए हैं, और परिसर में केवल अधिकृत कर्मियों को ही प्रवेश की अनुमति है। अधिकारियों के अनुसार, पूरी प्रक्रिया की निगरानी के लिए हर मतगणना केंद्र पर माइक्रो-ऑब्ज़र्वर भी तैनात किए गए हैं।
अब तक घोषित नतीजों के आधार पर, आम आदमी पार्टी (AAP) सबसे आगे चल रही है। घोषित नतीजों के अनुसार, पार्टी ने 158 वार्डों में जीत हासिल की है। वहीं, कांग्रेस ने 48 वार्ड, शिरोमणि अकाली दल ने 44 वार्ड और भारतीय जनता पार्टी ने 5 वार्ड जीते हैं।
इसके अलावा, निर्दलीय उम्मीदवारों ने भी ज़ोरदार प्रदर्शन किया है, और 54 वार्डों में जीत हासिल की है। अब तक कुल 309 वार्डों के नतीजे घोषित किए जा चुके हैं, जबकि पूरे राज्य में 1,977 वार्डों के नतीजों का अभी भी इंतज़ार है।
**26 मई को हुआ मतदान**
पंजाब में 8 नगर निगमों, 75 नगर परिषदों और 19 नगर पंचायतों के लिए 26 मई को मतदान हुआ था। जिन नगर निगमों में चुनाव हुए, उनमें मोहाली, बठिंडा, अबोहर, बरनाला, कपूरथला, मोगा, बटाला और पठानकोट शामिल हैं। चुनाव मतपत्रों (बैलेट पेपर) का उपयोग करके कराए गए थे, और पूरे राज्य में कुल 63.94 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया।
स्थानीय निकाय चुनावों के इस दौर में, कुल 7,554 उम्मीदवार अपनी किस्मत आज़मा रहे हैं। आम आदमी पार्टी, कांग्रेस, भारतीय जनता पार्टी और शिरोमणि अकाली दल सहित सभी प्रमुख राजनीतिक दलों ने इस चुनावी मुकाबले में अपनी पूरी ताक़त झोंक दी थी। कई निर्वाचन क्षेत्रों में, मुक़ाबले के विशेष रूप से दिलचस्प और कांटे की टक्कर होने की उम्मीद थी।
**आनंदपुर साहिब में AAP का शानदार प्रदर्शन**
आम आदमी पार्टी ने आनंदपुर साहिब नगर परिषद चुनावों में शानदार प्रदर्शन किया है। यहाँ, पार्टी ने 13 में से 11 वार्ड जीतकर पूर्ण बहुमत हासिल कर लिया है। इसे पार्टी के लिए एक बड़ी राजनीतिक जीत माना जा रहा है, और इसने पार्टी कार्यकर्ताओं में उत्साह की एक लहर जगा दी है।
राजनीतिक विश्लेषक इन स्थानीय निकाय चुनावों को 2027 में होने वाले पंजाब विधानसभा चुनावों से पहले का "सेमीफाइनल" मान रहे हैं। यही वजह है कि सभी प्रमुख राजनीतिक पार्टियों ने चुनाव प्रचार में अपनी पूरी ताकत झोंक दी थी। शुरुआती नतीजों में आम आदमी पार्टी की बढ़त को आगामी विधानसभा चुनावों के संदर्भ में बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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**विपक्ष ने लगाए थे आरोप**
वोटिंग से पहले और पूरे चुनाव प्रचार के दौरान, विपक्षी पार्टियों ने आम आदमी पार्टी सरकार पर सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग का आरोप लगाया था। हालाँकि, राज्य सरकार ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया था। अब, सभी की निगाहें अंतिम नतीजों पर टिकी हैं, जो पंजाब की राजनीति की भविष्य की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।