राज्यसभा चुनाव में प्रणव झा की हार के बाद, CPI(ML) के जनरल सेक्रेटरी दीपांकर भट्टाचार्य ने मल्लिकार्जुन खड़गे को पत्र लिखकर क्रॉस-वोटिंग के आरोपों को खारिज किया।
झारखंड राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार प्रणव झा की हार के बाद INDIA ब्लॉक के सहयोगियों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। CPI(ML) लिबरेशन ने कांग्रेस नेताओं द्वारा अपने विधायकों पर लगाए गए क्रॉस-वोटिंग के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इन दावों को दुर्भावनापूर्ण और बेबुनियाद बताया है।
इस मुद्दे पर CPI(ML) के जनरल सेक्रेटरी दीपांकर भट्टाचार्य ने शुक्रवार को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को पत्र लिखकर उनसे हस्तक्षेप करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि चुनाव के बाद लगाए जा रहे आरोप न केवल उनकी पार्टी की छवि को नुकसान पहुंचा रहे हैं, बल्कि गठबंधन की एकता को भी कमजोर कर सकते हैं।
'गठबंधन के सिद्धांतों का पालन करते हुए वोट दिया'
पत्र में भट्टाचार्य ने कहा कि झारखंड राज्यसभा चुनाव के दौरान, CPI(ML) के दोनों विधायकों ने विपक्षी दलों के बीच बनी सहमति और गठबंधन के सिद्धांतों का सख्ती से पालन करते हुए कांग्रेस उम्मीदवार प्रणव झा के पक्ष में वोट दिया।
उन्होंने जोर देकर कहा कि वोटिंग प्रक्रिया के दौरान, पार्टी के अधिकृत पोलिंग एजेंटों ने नियमों के अनुसार विधायकों द्वारा डाले गए वोटों की पुष्टि की थी। इसलिए, क्रॉस-वोटिंग के आरोप पूरी तरह से बेबुनियाद हैं।
CPI(ML) के जनरल सेक्रेटरी ने कहा कि चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद कुछ कांग्रेस नेताओं द्वारा सार्वजनिक रूप से लगाए गए आरोप न केवल उनकी पार्टी की राजनीतिक विश्वसनीयता को नुकसान पहुंचाते हैं, बल्कि INDIA ब्लॉक की एकता पर भी बुरा असर डाल सकते हैं।
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उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व से आग्रह किया कि वे बिना तथ्यों या सबूतों के गठबंधन सहयोगियों पर आरोप लगाने की प्रवृत्ति पर रोक लगाएं। उन्होंने कुछ मीडिया संस्थानों की रिपोर्टिंग पर भी सवाल उठाए और कहा कि कुछ समाचार संगठनों ने दूसरे पक्ष का नजरिया जाने या तथ्यों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि किए बिना कांग्रेस नेताओं के आरोपों को प्रकाशित किया, जिससे भ्रम पैदा हुआ।
INDIA ब्लॉक में अहम भूमिका निभाई
अपने पत्र में दीपांकर भट्टाचार्य ने इस बात पर जोर दिया कि CPI(ML) अपनी शुरुआत से ही INDIA ब्लॉक के सबसे प्रतिबद्ध सहयोगियों में से एक रही है। पार्टी ने बिहार और झारखंड सहित विभिन्न राज्यों में हुए चुनावों में विपक्ष की एकता को मजबूत करने के लिए लगातार काम किया है। इस संदर्भ में, उस पर लगाए जा रहे आरोप दुर्भाग्यपूर्ण हैं। गौरतलब है कि झारखंड में राज्यसभा की दो सीटों के लिए हुए चुनाव में JMM उम्मीदवार बैजनाथ राम और NDA समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नथवानी विजयी रहे, जबकि कांग्रेस उम्मीदवार प्रणव झा को हार का सामना करना पड़ा।
नतीजों की घोषणा के बाद, झारखंड कांग्रेस के प्रभारी के. राजू और कांग्रेस के कुछ अन्य नेताओं ने RJD और CPI(ML) पर उम्मीद के मुताबिक समर्थन न देने का आरोप लगाया।