"तीसरे मोर्चे" की राजनीति का ज़िक्र करते हुए, रिजिजू ने कहा कि अतीत में कांग्रेस पार्टी ने कई गैर-कांग्रेसी सरकारों का समर्थन किया, लेकिन बाद में उन्हें गिरा भी दिया।
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की एक पोस्ट का जवाब देते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी खुद "भस्मासुर" (एक पौराणिक पात्र जो जिसे भी छूता था, उसे नष्ट कर देता था) की तरह काम करती है और उसका इतिहास दूसरी पार्टियों को तोड़ने का रहा है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को बीजेपी और एनडीए पर आरोप लगाने से पहले कांग्रेस पार्टी के इतिहास को देखना चाहिए। नई दिल्ली में मीडिया से बात करते हुए रिजिजू ने कहा कि कांग्रेस और राहुल गांधी भारतीय जनता पार्टी पर जो आरोप लगा रहे हैं, वे असल में खुद कांग्रेस पर लागू होते हैं।
उन्होंने कहा, "कांग्रेस पार्टी भस्मासुर की तरह है; जो भी पार्टी इसके संपर्क में आती है, वह नष्ट हो जाती है, फिर भी वे हम पर आरोप लगाते हैं। कांग्रेस को यह समझना चाहिए कि तृणमूल कांग्रेस, कांग्रेस से अलग होकर बनी थी और एनसीपी भी उससे अलग हुई थी। कांग्रेस हम पर आरोप लगाती है, लेकिन वह खुद बंटवारे से बनी है और बार-बार टूटी है।"
**राहुल पर रिजिजू का हमला**
रिजिजू ने कहा कि दूसरी पार्टियों को तोड़ना और कमज़ोर करना कांग्रेस पार्टी का लंबे समय से चला आ रहा राजनीतिक तरीका रहा है। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस ने अपने कई बड़े नेताओं को पार्टी छोड़ने पर मजबूर किया—जिनमें से कुछ बाद में प्रधानमंत्री बने। ऐतिहासिक उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि 1963 में अशोक मेहता को योजना आयोग का उपाध्यक्ष बनाए जाने पर प्रजा सोशलिस्ट पार्टी कैसे कमज़ोर हो गई थी। उन्होंने प्रोफेसर एन.जी. रंगा और सी. राजगोपालाचारी के राजनीतिक अनुभवों का भी ज़िक्र किया और कहा कि कांग्रेस ने हमेशा अपने विरोधियों को कमज़ोर करने का काम किया है।
रिजिजू ने कहा, "राहुल गांधी को ममता बनर्जी और शरद पवार से पूछना चाहिए कि वे कांग्रेस से क्यों अलग हुए। कांग्रेस ने क्षेत्रीय पार्टियों को कमज़ोर करने और उन्हें अपने में मिला लेने की राजनीति की है।" तेलुगु देशम पार्टी (TDP) के संस्थापक एन.टी. रामाराव का ज़िक्र करते हुए उन्होंने कहा कि अतीत में कांग्रेस ने अनुच्छेद 356 का इस्तेमाल करके और राष्ट्रपति शासन लगाकर कई राज्य सरकारों को अस्थिर किया था। रिजिजू ने कहा, "किसी को राहुल गांधी को यह समझाना होगा कि कांग्रेस खुद एक 'भस्मासुर' (एक ऐसा पात्र जो अपने ही मददगार को नष्ट कर देता है) है। जो भी इसके साथ जुड़ता है, यह उसे बर्बाद कर देती है।" बीजेपी की तुलना करते हुए उन्होंने कहा कि बीजेपी एक लोकतांत्रिक पार्टी है, न कि किसी एक परिवार की जागीर। उन्होंने कहा कि पार्टी में नेता अपनी लीडरशिप क्षमता और संगठनात्मक काबिलियत के दम पर आगे बढ़ते हैं।
उन्होंने कहा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बीजेपी दुनिया की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी बन गई है। हमने किसी गलत तरीके से पार्टी का विस्तार नहीं किया; यह उपलब्धि बीजेपी कार्यकर्ताओं की कड़ी मेहनत और समर्पण से हासिल हुई है।"
**थर्ड फ्रंट की राजनीति का ज़िक्र**
थर्ड फ्रंट की राजनीति का ज़िक्र करते हुए रिजिजू ने कहा कि अतीत में कांग्रेस ने कई गैर-कांग्रेसी सरकारों का समर्थन किया, लेकिन बाद में उन्हें गिरा भी दिया। उन्होंने एच.डी. देवेगौड़ा, आई.के. गुजराल, मोरारजी देसाई, चरण सिंह, वी.पी. सिंह और चंद्रशेखर की सरकारों का उदाहरण देते हुए कहा कि इस मामले में कांग्रेस का ट्रैक रिकॉर्ड सबके सामने है। उन्होंने शरद पवार का भी ज़िक्र किया और बताया कि सोनिया गांधी के विदेशी मूल का मुद्दा उठाने के बाद पवार कांग्रेस से अलग हो गए थे।
रिजिजू के मुताबिक, बाद में कांग्रेस ने उनकी पार्टी को भी कमज़ोर करने की कोशिश की। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि राहुल गांधी के इन आरोपों का जवाब—कि बीजेपी ने शिवसेना, तृणमूल कांग्रेस और एनसीपी को तोड़ा—खुद कांग्रेस के इतिहास में छिपा है। उन्होंने सुझाव दिया कि दूसरों पर आरोप लगाने से पहले कांग्रेस को अपने राजनीतिक अतीत पर नज़र डालनी चाहिए।