- आज़म खान के मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट का रजिस्ट्रेशन रद्द होने का खतरा है; बड़ी वित्तीय अनियमितताएं पाई गई हैं और इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने नोटिस जारी किया है।

आज़म खान के मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट का रजिस्ट्रेशन रद्द होने का खतरा है; बड़ी वित्तीय अनियमितताएं पाई गई हैं और इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने नोटिस जारी किया है।

रामपुर के मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट की मुश्किलें तब बढ़ गईं जब उसे इनकम टैक्स डिपार्टमेंट से नोटिस मिला। डिपार्टमेंट ने बड़ी वित्तीय अनियमितताओं का पता चलने के बाद यह नोटिस जारी किया।

यूपी के पूर्व कैबिनेट मंत्री आज़म खान के रामपुर स्थित मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट के लिए मुश्किलें एक बार फिर बढ़ती दिख रही हैं। खबरों के मुताबिक, इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने ट्रस्ट को 'कारण बताओ नोटिस' (show-cause notice) जारी किया है, क्योंकि जांच के दौरान बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताएं सामने आई थीं।

**वित्तीय लेन-देन और खातों पर स्पष्टीकरण मांगा गया**
सूत्रों के अनुसार, इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने ट्रस्ट से विभिन्न वित्तीय लेन-देन और खातों के बारे में स्पष्टीकरण मांगा है। अगर संतोषजनक जवाब नहीं मिलता है, तो ट्रस्ट का रजिस्ट्रेशन रद्द करने की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है। डिपार्टमेंट ट्रस्ट को मिले दान, उनके इस्तेमाल और वित्तीय रिकॉर्ड से जुड़े दस्तावेजों की भी गहन जांच कर रहा है।

**ट्रस्ट और यूनिवर्सिटी पहले भी विवादों में रहे हैं**
गौरतलब है कि रामपुर में मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी इसी ट्रस्ट के तहत चलती है। यूनिवर्सिटी और ट्रस्ट दोनों ही पहले जमीन आवंटन के साथ-साथ प्रशासनिक और कानूनी मामलों को लेकर विवादों में रहे हैं। ट्रस्ट से जुड़े कई मामलों की सुनवाई इलाहाबाद हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में भी हो चुकी है।
**प्रशासनिक और वित्तीय कामकाज पर संभावित असर**
अगर इनकम टैक्स डिपार्टमेंट आगे की कार्रवाई करता है, तो इससे ट्रस्ट के प्रशासनिक और वित्तीय कामकाज पर असर पड़ सकता है। हालांकि, इस मामले पर ट्रस्ट की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। अब सबकी नजरें इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के अगले कदम और ट्रस्ट की प्रतिक्रिया पर टिकी हैं।

**ट्रस्ट कानूनी विकल्पों पर भी विचार कर सकता है**
इनकम टैक्स डिपार्टमेंट का यह नोटिस राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में भी चर्चा का विषय बना हुआ है। माना जा रहा है कि अगर जांच के दौरान वित्तीय अनियमितताओं के आरोप सही साबित होते हैं, तो इसके नतीजे सिर्फ ट्रस्ट तक ही सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि इससे जुड़ी संस्थाओं के कामकाज पर भी असर पड़ सकता है। इस बीच, मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट से जुड़े लोग इस मामले में कानूनी विकल्पों पर भी विचार कर सकते हैं। 

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