पुलिस में दर्ज कराई गई शिकायत में, TVK के एक MLA ने आरोप लगाया कि ऑफ़र ठुकराने के बाद, उन्हें ₹35 करोड़ के भुगतान वाले प्रस्ताव का खुलासा न करने की धमकी दी गई।
तमिलनाडु में MLA की कथित खरीद-फरोख्त (हॉर्स-ट्रेडिंग) को लेकर राजनीतिक हंगामा बढ़ता जा रहा है। C. जोसेफ विजय (थलपति विजय) के नेतृत्व वाली सत्ताधारी पार्टी 'तमिलझगा वेट्री कझगम' (TVK) ने विपक्षी पार्टी DMK पर अपने MLA को तोड़ने और सरकार को अस्थिर करने की कोशिश करने का आरोप लगाया है। वहीं, DMK ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है और बदले में TVK पर ही हॉर्स-ट्रेडिंग का आरोप लगाया है।
यह पूरा विवाद पिछले महीने TVK के एक MLA की शिकायत के बाद सामने आया, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया था कि उन्हें विधानसभा में क्रॉस-वोटिंग करने के लिए ₹35 करोड़ का ऑफ़र दिया गया था। इस मामले में अब तक तीन लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है और गिरफ्तार किए गए लोग DMK नेताओं से जुड़े हुए हैं।
यह विवाद कैसे शुरू हुआ?
इसकी शुरुआत पिछले महीने के आखिरी सोमवार—29 जून, 2026—को हुई, जब TVK के MLA N. इलैयाराजा ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें विधानसभा में क्रॉस-वोटिंग करने के लिए ₹35 करोड़ की रिश्वत का ऑफ़र दिया गया था।
उन्होंने आरोप लगाया कि थिरुनावुक्करसु नाम के एक व्यक्ति ने उनसे संपर्क किया और खुद को 'इंडियन पॉलिटिकल डेमोक्रेटिक स्ट्रैटेजीज़' (IPDS) का प्रतिनिधि बताया। उस व्यक्ति ने दावा किया कि वह एक बड़ी राजनीतिक पार्टी के नेताओं की ओर से बात कर रहा है। उसने MLA से तमिलनाडु विधानसभा अध्यक्ष के खिलाफ लाए गए प्रस्ताव पर क्रॉस-वोटिंग करने को कहा और इसके बदले ₹35 करोड़ देने का ऑफ़र दिया।
इसके अलावा, MLA ने आरोप लगाया कि ऑफ़र ठुकराने के बाद, उन्हें इस मामले का खुलासा किसी से न करने की धमकी दी गई।
गिरफ्तार किए गए तीन लोग कौन हैं? TVK MLA की शिकायत के बाद, चेन्नई के D-1 ट्रिपलिकेन पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया और पुलिस ने आरोपी थिरुनावुक्करसु को राज्य के त्रिची जिले से नरेश और त्यागराजन के साथ गिरफ्तार किया।
पुलिस के अनुसार, जांच में पता चला कि नरेश चेन्नई में V. अशोक कुमार से मिला था, जो DMK के पूर्व मंत्री और कोयंबटूर दक्षिण के MLA V. सेंथिल बालाजी के भाई हैं। यह भी पता चला है कि थिरुनावुक्कारासु ने कथित तौर पर सेंथिल बालाजी और अशोक कुमार के निर्देशों पर यह काम किया था।
**सरकार गिराने की कोशिश – पी. निर्मल कुमार**
पुलिस द्वारा इस मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किए जाने के बाद, तमिलनाडु सरकार के मंत्री पी. निर्मल कुमार ने आरोप लगाया कि DMK पिछले 40 दिनों से TVK विधायकों को अपनी तरफ करने की कोशिश कर रही है।
इसे एक साज़िश बताते हुए उन्होंने कहा, "DMK प्रमुख एम.के. स्टालिन विधानसभा चुनावों में TVK से मिली हार और जनता के जनादेश को स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं; वे लगातार हमारी सरकार गिराने की कोशिश कर रहे हैं।"
**TVK के आरोपों पर DMK का पलटवार**
इस बीच, DMK ने सत्ताधारी TVK द्वारा लगाए गए सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए उन्हें बेबुनियाद और निराधार बताया है। पार्टी के प्रवक्ता टी.के.एस. इलांगोवन ने पलटवार करते हुए सवाल किया कि DMK उनके किसी विधायक को खरीदने की कोशिश क्यों करेगी, जबकि ऐसा करने से उन्हें राज्य में सरकार बनाने में कोई मदद नहीं मिलेगी।
उन्होंने आगे कहा, "इस पूरे घटनाक्रम के पीछे कोई और ही खेल चल रहा है। DMK कभी भी TVK विधायकों को तोड़ने (poaching) में शामिल नहीं रही है। कोई झूठ बोल रहा है।"