दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने आरोप लगाया है कि रेगुलर सरकारी स्कूल के शिक्षकों को बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) की ड्यूटी पर लगाने से छात्रों की पढ़ाई पर बुरा असर पड़ रहा है।
दिल्ली सरकार के स्कूल शिक्षकों को स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) ड्यूटी पर लगाने को लेकर राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने आरोप लगाया है कि रेगुलर सरकारी स्कूल के शिक्षकों को बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) की ड्यूटी पर लगाने से छात्रों की पढ़ाई में बाधा आ रही है। उनका दावा है कि सरकार छात्रों की पढ़ाई के बजाय SIR से जुड़े काम को प्राथमिकता दे रही है। शुक्रवार को जारी एक बयान में यादव ने BJP सरकार पर सरकारी स्कूलों के साथ गलत व्यवहार करने का आरोप लगाया।
उन्होंने बताया कि राजधानी के भलस्वा और GTB नगर इलाकों के सरकारी स्कूलों के कई रेगुलर शिक्षकों को वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) के लिए BLO ड्यूटी सौंपी गई है, जिससे क्लास में पढ़ाई बाधित हो रही है। उन्होंने सवाल किया कि जब दिल्ली में अभी कोई चुनाव नहीं होने वाला है, तो शिक्षकों को इस काम के लिए क्यों लगाया जा रहा है।
**गरीब परिवारों के बच्चों पर सबसे ज़्यादा असर**
दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष ने आगे कहा कि दिल्ली के ज़्यादातर सरकारी स्कूलों में पहले से ही शिक्षकों की कमी है। ऐसे में, शिक्षकों को पढ़ाने के अलावा दूसरे कामों में लगाने से छात्रों का नुकसान होगा। उन्होंने बताया कि सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले ज़्यादातर छात्र गरीब और आर्थिक रूप से कमज़ोर वर्ग (EWS) के परिवारों से आते हैं। चूंकि ऐसे परिवार अपने बच्चों के लिए प्राइवेट ट्यूशन का खर्च नहीं उठा सकते, इसलिए स्कूली शिक्षा में किसी भी तरह की रुकावट का इन छात्रों पर बहुत बुरा असर पड़ेगा।
**शिक्षकों की गैर-मौजूदगी से छात्रों की पढ़ाई पर असर**
देवेंद्र यादव ने दावा किया कि भलस्वा के एक सरकारी स्कूल में, जहाँ लगभग 1,200 छात्र हैं, वहाँ के 20 से ज़्यादा रेगुलर शिक्षकों को SIR ड्यूटी पर भेज दिया गया है। नतीजतन, क्लास लेने के लिए सिर्फ़ 15 गेस्ट टीचर बचे हैं। इसी तरह, GTB नगर के एक सरकारी स्कूल के 22 शिक्षकों को BLO ड्यूटी सौंपी गई है। उनका कहना है कि इतनी बड़ी संख्या में शिक्षकों की गैर-मौजूदगी से छात्रों की पढ़ाई पर बुरा असर पड़ रहा है।
BJP सरकार प्राइवेट स्कूलों को बढ़ावा दे रही है
उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता में आने के बाद से BJP सरकार सरकारी स्कूलों को कमज़ोर कर रही है। उनका दावा है कि सरकार सरकारी स्कूलों के बजाय प्राइवेट स्कूलों को बढ़ावा देना चाहती है, जबकि गरीब परिवार महंगी प्राइवेट शिक्षा का खर्च नहीं उठा सकते। देवेन्द्र यादव ने यह भी आरोप लगाया कि शिक्षकों को पढ़ाने के बजाय गैर-शैक्षणिक काम—जैसे 'SIR' ड्यूटी—सौंपे जा रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि इन कामों के लिए शिक्षकों को अतिरिक्त भुगतान देने की बात चल रही है। उन्होंने आगे कहा कि ऐसी ड्यूटी करने के बाद, शिक्षकों को वापस शैक्षणिक माहौल में ढलने में समय लगता है।