- ई-रिक्शा चालकों को अब कोई परेशानी नहीं होगी; सरकार ने BAT-BMS समेत 7 ऐप हटाने का नोटिस जारी किया है।

ई-रिक्शा चालकों को अब कोई परेशानी नहीं होगी; सरकार ने BAT-BMS समेत 7 ऐप हटाने का नोटिस जारी किया है।

केंद्र सरकार ने ई-रिक्शा चालकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक अहम कदम उठाया है। Google और Apple को नोटिस जारी कर सात ऐप्स—जिनमें बैटरी से जुड़ा 'BAT-BMS' भी शामिल है—को उनके संबंधित ऐप स्टोर से हटाने के लिए कहा गया है।

अगर आप ई-रिक्शा चलाते हैं या इलेक्ट्रिक वाहनों से जुड़े हैं, तो यह खबर आपके लिए बहुत ज़रूरी है। केंद्र सरकार ने सात ऐसे मोबाइल ऐप्स के खिलाफ कार्रवाई शुरू की है, जिनका कथित तौर पर ई-रिक्शा की बैटरी को दूर से कंट्रोल करने या बंद करने के लिए गलत इस्तेमाल किया जा रहा था। इसके चलते, सरकार ने Google और Apple को निर्देश दिया है कि वे इन ऐप्स को अपने प्लेटफॉर्म से हटा दें। उम्मीद है कि इस फैसले से हज़ारों ई-रिक्शा चालकों को राहत मिलेगी।

कुछ समय से सोशल मीडिया पर कई वीडियो और शिकायतें सामने आ रही थीं। इन रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि कुछ लोग बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम (BMS) से जुड़े मोबाइल ऐप्स का इस्तेमाल करके चलती ई-रिक्शा की बैटरी की पावर अचानक काट देते थे। इससे ड्राइवर बीच रास्ते में फंस जाते थे और उन्हें यात्रियों के सामने शर्मिंदगी का सामना करना पड़ता था। कई ड्राइवरों ने यह भी बताया कि इन घटनाओं का उनकी रोज़ की कमाई पर बुरा असर पड़ रहा था।

इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने Google (Android) और Apple (iOS) को नोटिस जारी कर कुल सात ऐप्स—जिनमें BAT-BMS भी शामिल है—को उनके ऐप स्टोर से हटाने का निर्देश दिया है। सरकार का कहना है कि सार्वजनिक सुरक्षा से समझौता करने या सार्वजनिक व्यवस्था में बाधा डालने वाले किसी भी ऐप के खिलाफ कार्रवाई ज़रूरी है; इसलिए इन ऐप्स को हटाने का फैसला लिया गया है।

BAT-BMS ऐप क्या है?

BAT-BMS (बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम) से जुड़े ऐप्स का इस्तेमाल आमतौर पर बैटरी की स्थिति, चार्जिंग लेवल, तापमान और अन्य तकनीकी डेटा की निगरानी के लिए किया जाता है। हालांकि ये ऐप्स बैटरी की निगरानी में मदद करते हैं, लेकिन इनके गलत इस्तेमाल से बैटरी की परफॉर्मेंस पर असर पड़ सकता है। इसी वजह से सरकार ने ऐसे ऐप्स की सुरक्षा को लेकर सख्त रुख अपनाया है।

ई-रिक्शा चालकों को क्या फायदा होगा? सरकार के इस कदम से ई-रिक्शा चालकों को काफी राहत मिलने की उम्मीद है। ऐसे ऐप्स के गलत इस्तेमाल पर रोक लगने से चलती ई-रिक्शा के अचानक बंद होने की घटनाएं कम हो सकती हैं। इससे ड्राइवरों का समय बचेगा, उनकी आजीविका पर असर कम होगा और यात्रियों के लिए यात्रा सुरक्षित होगी।

क्या सभी ई-रिक्शा पर इसका असर पड़ेगा?

जानकारों का कहना है कि इस समस्या का असर हर ई-रिक्शा पर नहीं पड़ता है। यह जोखिम सिर्फ़ उन बैटरी में देखा गया है जिन्हें मोबाइल ऐप के ज़रिए एक्सेस किया जा सकता है। इसलिए, जिन गाड़ियों में ऐसे सिस्टम नहीं हैं, उनके मालिकों को चिंता करने की ज़रूरत नहीं है। हालाँकि, बैटरी खरीदते समय यह पक्का कर लेना चाहिए कि उसमें ज़रूरी सुरक्षा फ़ीचर और सुरक्षित सॉफ़्टवेयर हों।


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