परगट सिंह के पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष बनने के बाद, पार्टी गुटबाज़ी से ऊपर उठकर एकजुटता दिखाने की तैयारी कर रही है। राहुल गांधी के दौरे के लिए भी एक नया प्लान तैयार किया जा रहा है।
परगट सिंह के राज्य अध्यक्ष बनने के साथ, पंजाब कांग्रेस अब आपसी कलह को पीछे छोड़कर चुनावी मैदान में एकजुट होकर उतरने की तैयारी कर रही है। पार्टी आलाकमान ने राज्य के नेताओं को साफ संकेत दिया है कि संगठनात्मक बदलावों के बाद, गुटबाज़ी को बढ़ावा देने की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
कांग्रेस अब एक बड़े राजनीतिक कार्यक्रम की योजना बना रही है जिसमें पंजाब के लगभग सभी प्रमुख नेता एक ही मंच पर होंगे। इसके ज़रिए पार्टी कार्यकर्ताओं और मतदाताओं को यह संदेश देना चाहती है कि राज्य इकाई आपसी मतभेदों से ऊपर उठ चुकी है और चुनाव लड़ने के लिए तैयार है।
राहुल गांधी के पंजाब दौरे की योजना भी इसी रणनीति का हिस्सा है। खबर है कि जिस कार्यक्रम पर पहले सहमति नहीं बन पाई थी, उसे नए सिरे से तैयार किया जा रहा है और इसके इस महीने होने की संभावना है।
**आलाकमान से बातचीत के लिए परगट दिल्ली गए**
राज्य अध्यक्ष नियुक्त होने के तुरंत बाद, परगट सिंह संगठनात्मक प्राथमिकताओं को समझने और चुनाव की तैयारियों पर चर्चा करने के लिए दिल्ली गए। उन्होंने कांग्रेस महासचिव (संगठन) के.सी. वेणुगोपाल सहित वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात की। इन बैठकों में पंजाब के राजनीतिक हालात, संगठन को मज़बूत करने और आगामी चुनाव के लिए रणनीति बनाने पर ध्यान केंद्रित किया गया।
पंजाब के लिए नए नियुक्त महासचिव प्रभारी सचिन पायलट भी चुनाव की तैयारियों में किसी भी तरह की देरी के खिलाफ हैं। पार्टी का लक्ष्य नेतृत्व में बदलाव के बाद ज़मीनी स्तर पर अपने अभियान को जल्द से जल्द तेज़ करना है।
**पुरानी आपसी कलह से आगे बढ़ने की कोशिशें**
असल में, हाल के दिनों में पंजाब कांग्रेस के नेतृत्व को लेकर नेताओं के बीच मतभेद अक्सर सामने आए हैं। पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और सुखजिंदर सिंह रंधावा सहित कई नेताओं ने राज्य अध्यक्ष बदलने की मांग की थी। इसी आपसी खींचतान के कारण राहुल गांधी के प्रस्तावित पंजाब दौरे की योजना आगे नहीं बढ़ पाई थी। अब परगट सिंह की नियुक्ति के बाद, पार्टी लीडरशिप को उम्मीद है कि आम सहमति बन पाएगी। कांग्रेस का मकसद है कि इस महीने के आखिर में एक बड़े कैंपेन इवेंट के ज़रिए एकजुटता दिखाकर पंजाब में चुनावी माहौल को अपने पक्ष में किया जाए।