मनोज जारांगे की भूख हड़ताल का आज 19वां दिन है। उनकी बिगड़ती सेहत की खबर सुनकर, उनके पिता रावसाहेब जारांगे आज सुबह उनसे मिलने पटोदा पहुँचे। आज़ाद मैदान में भूख हड़ताल करने की इजाज़त के लिए हाई कोर्ट जाने की तैयारी चल रही है।
मराठा आरक्षण के लिए आंदोलन कर रहे मनोज जारांगे पाटिल की भूख हड़ताल का आज 19वां दिन है। इतने लंबे समय से चल रहे उपवास के कारण उनकी सेहत बिगड़ने से परिवार वाले काफी चिंतित हैं। इसी बीच, उनके पिता रावसाहेब जारांगे आज सुबह पटोदा गाँव में उनसे मिलने पहुँचे। बेटे की बिगड़ती हालत देखकर वे काफी परेशान दिखे।
मनोज जारांगे पाटिल मुंबई के आज़ाद मैदान की ओर जा रहे हैं। शहर की ओर उनकी यात्रा का पहला पड़ाव पटोदा गाँव था; वहाँ उन्होंने देर रात तक बैठकें कीं और बातचीत लगभग 2:30 बजे तक चली।
इसके बाद, उनके पिता रावसाहेब जारांगे उनसे मिलने के लिए लगभग 3:00 बजे पहुँचे। भूख हड़ताल के कारण जारांगे की सेहत पर कड़ी नज़र रखी जा रही है और मुलाक़ात के दौरान उनके पिता की चिंता साफ दिख रही थी।
**आज़ाद मैदान में विरोध प्रदर्शन की इजाज़त को लेकर मुश्किलें**
इस बीच, मनोज जारांगे पाटिल को मुंबई के आज़ाद मैदान में भूख हड़ताल करने की इजाज़त देने का मुद्दा अहम हो गया है। इस इजाज़त के लिए बॉम्बे हाई कोर्ट में अभी तक कोई याचिका दायर नहीं की गई है। हालाँकि, उम्मीद है कि जल्द ही जारांगे की ओर से तत्काल सुनवाई की मांग वाली याचिका दायर की जा सकती है।
**मुंबई पुलिस इजाज़त न देने की वजह बताएगी**
दूसरी ओर, मुंबई पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी बॉम्बे हाई कोर्ट पहुँचे हैं। खबरों के मुताबिक, वे चीफ पब्लिक प्रॉसिक्यूटर शिशिर हिरे से मिलने वाले हैं। पुलिस कोर्ट को उन वजहों के बारे में बताएगी जिनकी वजह से विरोध प्रदर्शन की इजाज़त नहीं दी गई और क्यों आज़ाद मैदान में प्रदर्शन की इजाज़त नहीं दी जानी चाहिए।
मुंबई पुलिस ने पहले भी दो बार विरोध प्रदर्शन की इजाज़त देने से इनकार किया है। ऐसे में, अगर जारांगे की ओर से कोई याचिका दायर की जाती है, तो हाई कोर्ट का फैसला बहुत अहम माना जाएगा। राज्य सरकार और मुंबई पुलिस अब कोर्ट की कार्यवाही पर कड़ी नज़र रख रही हैं।