नीतीश कुमार की पार्टी, JD(U) ने 18 सितंबर को पटना में एक बैठक बुलाई है। यह बैठक सुबह 10:00 बजे पार्टी ऑफिस में शुरू होगी।
यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) को लेकर राज्य NDA में मतभेदों के बीच बिहार में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। JD(U) ने 18 सितंबर को पटना में एक बड़ी बैठक बुलाई है, जिसमें सभी सांसदों, विधायकों और MLCs को बुलाया गया है। यह बैठक राजनीतिक रूप से अहम मानी जा रही है; इसमें यूनिफॉर्म सिविल कोड और फरक्का जल संधि पर चर्चा होने की संभावना है, और पार्टी अपना रुख साफ कर सकती है।
**फरक्का जल संधि को लेकर JD(U) का दबाव**
JD(U) फरक्का जल संधि को लेकर केंद्र सरकार पर लगातार दबाव बना रही है। इस बीच, UCC पर JD(U) के बयानों को लेकर NDA के अंदर मतभेद सामने आए हैं। पार्टी नेताओं ने तो पार्टी का नाम बदलकर "जनता दल नीतीश" रखने का सुझाव भी दिया है। इसी माहौल में, JD(U) ने 18 सितंबर को सुबह 10:00 बजे अपने पटना ऑफिस में यह बड़ी बैठक आयोजित की है।
**पार्टी द्वारा आयोजित ओरिएंटेशन प्रोग्राम**
पार्टी विधायी कामकाज के बारे में जानकारी देने के लिए एक ओरिएंटेशन प्रोग्राम (प्रबोधन कार्यक्रम) आयोजित करेगी। इसका मकसद सदस्यों को सदन के नियमों, प्रक्रियाओं और विधानसभा में मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठाने के तरीके के बारे में जानकारी देना है। विधायक, MLC और सांसद अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों की रिपोर्ट पेश कर सकते हैं। बैठक में जनता के मूड, पार्टी कार्यकर्ताओं की स्थिति और उन क्षेत्रों पर भी चर्चा होने की संभावना है जहां पार्टी को और अधिक प्रयास करने की जरूरत है।
बैठक में भविष्य की राजनीतिक रणनीतियों पर भी विचार-विमर्श हो सकता है। यह बैठक ऐसे समय में हो रही है जब JD(U) फरक्का जल संधि को लेकर बिहार के विभिन्न जिलों में "नीतीश संवाद" कार्यक्रम आयोजित कर रही है। 1996 में हुई यह संधि दिसंबर 2026 में खत्म होने वाली है, और JD(U) का कहना है कि इसे आगे नहीं बढ़ाया जाना चाहिए। JDU का मानना है कि 1996 के समझौते ने बिहार को बाढ़, सूखे और गाद (siltation) की गंभीर समस्याओं में धकेल दिया है। सूत्रों के मुताबिक, 18 तारीख को होने वाली बैठक में फरक्का जल संधि पर विस्तार से चर्चा होने की संभावना है। अपने नेताओं की राय सुनने के बाद, पार्टी फरक्का जल संधि पर अपना रुख औपचारिक रूप से स्पष्ट कर सकती है।
**JDU, UCC पर अपना रुख स्पष्ट कर सकती है – सूत्र**
इस बीच, यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बयान को लेकर NDA के भीतर मतभेद सामने आए हैं। JDU नेताओं ने कहा है कि बिहार में UCC लागू नहीं किया जाएगा। हालांकि, सूत्रों का कहना है कि बैठक के दौरान यूनिफॉर्म सिविल कोड भी चर्चा का विषय हो सकता है और पार्टी अपनी स्थिति स्पष्ट कर सकती है। इससे पहले, JDU ने बिहार में UCC लागू करने के खिलाफ रुख अपनाया था। इस बात पर भी व्यापक विचार-विमर्श हो सकता है कि 'जनता दल (यूनाइटेड)' का नाम बदलकर 'जनता दल (नीतीश)' किया जाए या नहीं।
नीतीश अब बिहार के मुख्यमंत्री नहीं हैं। JDU के सामने अपनी अलग राजनीतिक पहचान बनाए रखने की चुनौती है। पार्टी अपने समर्थकों को यह संदेश दे सकती है कि बिहार से जुड़े मुद्दों पर उसकी आवाज मजबूत है।