बिहार NDA में यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) को लेकर बहस तेज़ हो रही है। BJP विधायक संजय सिंह ने "एक देश, एक कानून" की वकालत की, जबकि LJP (राम विलास) के मंत्री संजय सिंह ने अंतिम फ़ैसला चिराग पासवान पर छोड़ दिया और JD(U) के अपनी राय रखने के अधिकार को माना।
बिहार NDA में यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) को लेकर मतभेद सामने आने लगे हैं। NDA शासित राज्यों में UCC लागू करने के बारे में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बयान के बाद JD(U) और BJP नेताओं के बीच बयानबाज़ी तेज़ हो गई है। JD(U) नेता श्याम रजक की आपत्तियों का जवाब देते हुए BJP विधायक संजय सिंह ने कहा कि देश दो तरह के कानूनों से नहीं चल सकता। वहीं, LJP (राम विलास) नेता और बिहार PHED मंत्री संजय सिंह ने इस मुद्दे पर अंतिम फ़ैसला पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान पर छोड़ दिया है।
UCC का समर्थन करते हुए, BJP विधायक संजय सिंह (लालगंज से) ने कहा कि पूरे देश के लिए एक ही कानून होना चाहिए। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि देश दो अलग-अलग कानूनी व्यवस्थाओं के तहत नहीं चल सकता। उनके अनुसार, कानून धर्म या शरिया के बजाय संविधान के अनुसार होने चाहिए।
UCC को लेकर श्याम रजक की आपत्तियों पर BJP विधायक ने कहा कि किसी एक नेता की नाराज़गी या मंज़ूरी मुख्य मुद्दा नहीं है। उन्होंने कहा कि असल मुद्दा भारत में एक समान कानूनी व्यवस्था की ज़रूरत है। उन्होंने UCC लागू करने के बारे में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बयान का समर्थन किया।
**LJP (राम विलास) मंत्री ने फ़ैसला चिराग पर छोड़ा**
बिहार PHED मंत्री और LJP (राम विलास) नेता संजय सिंह ने UCC का खुलकर समर्थन या विरोध करने से परहेज किया और कहा कि इस मामले पर NDA की सहयोगी पार्टियों के शीर्ष नेताओं के साथ चर्चा की जाएगी। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान पार्टी के लिए जो भी फ़ैसला लेंगे, वह सभी को मानना होगा।
**कहा: हर पार्टी को अपनी राय रखने का अधिकार है**
LJP (राम विलास) नेता संजय सिंह ने कहा कि NDA में शामिल हर पार्टी—और उनके नेताओं—को अपनी राय रखने का अधिकार है। उन्होंने कहा कि वह दूसरी पार्टियों के नेताओं के बयानों पर कोई टिप्पणी नहीं कर सकते। UCC को लेकर बिहार NDA में जो मतभेद सामने आए हैं, उन्हें अब आने वाले दिनों में गठबंधन की राजनीति के लिए अहम माना जा रहा है।