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दो टुकड़ों में बंटी भारतीय धरती, हिमालय में आ सकता है बड़ा भूकंप
-वैज्ञानिकों ने शोध करके लगाया पता, दी चेतावनी
नई दिल्ली,। वैज्ञानिकों ने शोध में यह पता लगा लिया है कि भारतीय धरती पाताल में दो टुकड़ों में बंट गई है, इसलिए हिमालय में कभी भी बड़ा भूकंप आ सकता है। वैज्ञानिकों की मानें तो अब भारतीय टेक्टोनिक प्लेट दो टुकड़ों में बंट रही है। इसका एक हिस्सा चीन के नीचे जा रहा है। दूसरा हिस्सा पाताल में है। इस वजह से हिमालय में बड़ा भूकंप आने की पूरी आशंका है। शोध में चेतावनी दी गई कि अगर ऐसा होता है तो भारी तबाही होगी। इससे भारत सहित पाकिस्तान, चीन, नेपाल, तिब्बत और भूटान जैसे देशों में बड़ी आपदा आने की आशंका है। ग्राफिक के अनुसार भारतीय प्लेट और यूरेशियन प्लेट इन दोनों प्लेटों की टक्कर से हिमालय बना है। इसमें भारतीय प्लेट का एक हिस्सा यूरेशियन प्लेट के अंदर धंस रहा है।
वहीं डीलैमिनेशन यानी भारतीय प्लेट का दो हिस्सों में बंटा हुआ भाग दिख रहा है। पहला हिस्सा तो यूरेशियन प्लेट के अंदर है। दूसरा हिस्सा धरती के मेंटल में जा रहा है। यानी पाताल की तरफ है। डिलैमिनेशन वाला दरार करीब 100 से 200 किलोमीटर लंबी है। जहां तेजी से मेंटल का बहाव भी दिखाया जा रहा है। वह भी भारतीय प्लेट की तरफ है। ग्राफिक्स यह ऊर्जा के तेज बहाव पैदा कर रहे हैं। बहुत सारी एनर्जी इनसे निकल रही व स्टोर हो रही है। ये एनर्जी जब तेजी से निकलती है तगड़े भूकंप आते हैं। इसी एनर्जी की वजह से हिमालय की ऊंचाई हर साल बढ़ रही है।
शोध के अनुसार भारतीय टेक्टोनिक प्लेट और यूरेशियन प्लेट का टकराव 6 करोड़ साल पहले शुरू हुआ था। उसके पहले भारत एक आईलैंड यानी द्वीप था।
जो जाकर यूरेशिया से भिड़ गया। गौरतलब है कि जब दो जमीनें एकसाथ टकराए तो हिमालय का निर्माण हुआ। जमीन के ऊपर हिमालय बना और अंदर रहस्य बनते रहे थे। वैज्ञानिकों का मानना है कि भारतीय टेक्टोनिक प्लेट यूरेशियन प्लेट के नीचे जा रही है। जिसके दबाव से यह दो टुकड़ों में रही है। इसे डीलैमिनेशन कहते हैं। लेकिन ऊपरी हिस्सा यानी यूरेशियन प्लेट ऊपर उठ रहा है। इससे हिमालय की ऊंचाई बढ़ती जा रही है। जियोडायनेमिसिस्ट डुवे वान हिंसबर्गेन कहते हैं कि हमें अब तक नहीं पता है कि दो महाद्वीप आपस में किस तरह से व्यवहार करते हैं। लेकिन यह बेहद डरावना और हैरान करने वाला है।
अगर यह दरार तेजी से बढ़ी तो हिमालय और उसके आसपास कई सारे भूकंप आ सकते हैं।
मोनाश यूनिवर्सिटी के जियोडायनेमिसिस्ट फैबियो कैपितानो ने कहा कि यह सिर्फ एक ट्रेलर है। पूरी फिल्म तो अभी आनी बाकी है। हम अध्ययन कर रहे हैं। ताकि ज्यादा से ज्यादा जानकारी मिल सकें। हम भूगर्भीय अस्थिरता का अध्ययन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमने अभी तक ऐसा देखा नहीं कि कोई इतनी बड़ी टेक्टोनिक प्लेट दो हिस्सों में टूटी हो। जैसा भारतीय प्लेट के साथ हो रहा है। यह एक बेहद मोटी महाद्वीपीय प्लेट है, जिसे एक बड़ी चट्टानी परत भी कह सकते हैं। यह पाताल की ओर जा रही है। एरिजोना यूनिवर्सिटी के जियोलॉजिस्ट पीटर डेसेलेस ने कहा कि अगर भारतीय प्लेट के टूटने की स्टडी सही से करनी है तो हमें हिमालय की उत्पत्ति पर नजर रखनी होगी। हिमालय के 2500 किलोमीटर लंबे रेंज के नीचे अध्ययन करने से पता चलेगा कि भारतीय प्लेट के साथ नीचे खींचातानी हो रही है।
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