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बालासाहेब ठाकरे की राम मंदिर आंदोलन में बड़ी भूमिका थी
नई दिल्ली। हिंदू हृदय सम्राट माने जाने वाले बालासाहेब ठाकरे भले ही इस दुनिया में नहीं हैं,लेकिन देश के लिए दिए उनके योगदान हमेशा रहेंगे। आज भी उनके संवाद और मीडिया को दिए इंटरव्यू लोग देखते हैं और ठाकरे साहेब को याद करते हैं। बीते रोज उनकी जन्म जयंती थी,इस मौके पर उन्हे खूब याद किया गया। याद करते हुए एक संस्मरण मीडिया में चलता रहा वो ये है कि वरिष्ठ पत्रकार रजत शर्मा ने बाल ठाकरे को उनकी जयंती पर याद करते हुए एक्स पर लिखा है, हिंदू हृदय सम्राट aमाने जाने वाले बालासाहेब ठाकरे को उनकी जयंती पर नमन। वह अयोध्या में भव्य राम मंदिर देखने के लिये बेताब थे। आप की अदालत में मैंने उनसे पूछा, बाबरी मस्जिद गिराने में आप का हाथ था? उन्होंने तुरंत ही कहा, हाथ नहीं, पाँव था।
उनकी बेबाक़ी कमाल की थी। आज वो होते तो रामलला को टाट से ठाठ में पहुँचते देख कर वह बहुत प्रसन्न होते। दिव्य राम मंदिर के लिये नरेंद्र मोदी को आशीर्वाद देते। 6 दिसंबर, 1992 को अयोध्या में बाबरी विध्वंस में उनकी भी संलिप्तता मानी गई है। हालांकि, वह खुद बाबरी विध्वंस स्थल पर मौजूद नहीं थे, लेकिन माना जाता है कि वह बाबरी ढांचा गिराने की साजिश और रणनीति का वह भी अहम हिस्सा थे। बालासाहेब ठाकरे ने खुद दावा किया था कि उनके संगठन ने मस्जिद गिराने में अहम भूमिका निभाई थी। शिवसेना संस्थापक अपनी सांप्रदायिक राजनीति के लिए जाने जाते थे।
उन्होंने बाबरी मस्जिद विध्वंस को सही ठहराते हुए कार सेवकों के कार्य की खूब प्रशंसा की थी। ठाकरे ने कहा था कि उन्हें अपने शिव सैनिकों पर गर्व है। ठाकरे ने एक इंटरव्यू में कहा था कि कार सेवकों ने मस्जिद नहीं गिराई बल्कि राम मंदिर को ऊंचा उठाया था। वह अपने उग्र और बेवाक अंदाज के लिए जाने जाते थे। उन्होंने कहा था कि हमें इस पर कोई शर्म नहीं बल्कि अभिमान है।जब उनसे पूछा गया था कि लोग कहते हैं कि बाबरी विध्वंस के वक्त एक भी शिव सैनिक वहां मौजूद नहीं था, तो ठाकरे ने तपाक से कहा कि ऐसा मत कहिए, नहीं तो बड़े शर्म की बात है। हम ज्यादा कहेंगे तो सीबीआई हमारे पीछे लग जाएगी।
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