गहलोत परिवार के करीबी जसवंत सिंह कछवाहा को भी जोधपुर नगर निगम चुनाव में हार का सामना करना पड़ा। बीजेपी के विजय सिंह ने जसवंत सिंह कछवाहा को एक हज़ार से ज़्यादा वोटों से हराया।
जोधपुर नगर निगम चुनाव के नतीजों ने राजस्थान की राजनीति को लेकर कई चौंकाने वाले संकेत दिए हैं। कई बड़े नेताओं के गढ़ में उलटफेर देखने को मिला। सबसे बड़ा झटका पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के इलाके में लगा, जहाँ बीजेपी ने उनके अपने वार्ड में जीत हासिल की।
**पूर्व CM ने खुद उसी वार्ड में वोट डाला**
जिस वार्ड में पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अपना वोट डाला था, वहीं बीजेपी उम्मीदवार की जीत हुई, जिससे कांग्रेस को बड़ा झटका लगा। इसके अलावा, बीजेपी के विजय सिंह ने गहलोत परिवार से जुड़े जसवंत सिंह कछवाहा को 1,000 से ज़्यादा वोटों से हराया।
**कांग्रेस ज़िला अध्यक्ष ओंकार वर्मा को हार का सामना करना पड़ा**
जोधपुर नगर निगम चुनाव में पूर्व मेयर कुंती देवरा को बीजेपी की निकिता ने 259 वोटों से हराया। वहीं, कांग्रेस ज़िला अध्यक्ष ओंकार वर्मा को भी हार का सामना करना पड़ा; उन्हें बीजेपी के मेघराज लोहिया ने हराया।
**कांग्रेस उम्मीदवार ने कुमार देवेंद्र को हराया**
हालांकि, बीजेपी को भी बड़ा झटका लगा। बीजेपी मेयर पद के दावेदार माने जाने वाले कुमार देवेंद्र को कांग्रेस के पूर्व ज़िला अध्यक्ष नरेश जोशी ने हराया।
**शेखावत के गढ़ में भी बदले राजनीतिक समीकरण**
अशोक गहलोत के बाद, केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत के गढ़ में भी चुनावी समीकरण बदलते दिखे। शेखावत के वार्ड में कांग्रेस की पुष्पा गहलोत ने बीजेपी की भावना रूप को हराया।
**रवींद्र सिंह मामडोली चुनाव हार गए**
वहीं, शेखावत के करीबी माने जाने वाले रवींद्र सिंह मामडोली को भी हार का सामना करना पड़ा। कांग्रेस के गिरधारी सिंह ने उन्हें 800 से ज़्यादा वोटों से हराया।
**कई वार्डों में उलटफेर; राजनीतिक समीकरण बदले**
जोधपुर नगर निगम के ये नतीजे कांग्रेस और बीजेपी दोनों के लिए अहम माने जा रहे हैं। खासकर दिग्गज नेताओं के दबदबे वाले वार्डों में हुए उलटफेर शहर के भविष्य के लिए नए राजनीतिक समीकरणों का संकेत देते हैं। जोधपुर नगर निगम चुनावों का असर आने वाले विधानसभा चुनावों में भी देखने को मिल सकता है।