आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई के बारे में पाकिस्तान के दावों पर भारत ने साफ कहा है कि उसे सिर्फ़ बयानों के बजाय ठोस कदमों से अपनी प्रतिबद्धता दिखानी चाहिए। विदेश मंत्रालय (MEA) के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में ये बातें कहीं।
इतिहास गवाह है कि पाकिस्तान अक्सर कहता कुछ है और करता कुछ और है; उसकी पुरानी आदत है कि वह भारत से दोस्ती का दिखावा करता है और साथ ही पीठ में छुरा घोंपता है। इस बीच, पाकिस्तान के सेना प्रमुख, फील्ड मार्शल आसिम मुनीर ने दावा किया है कि उनकी सेना आतंकवाद को हराने के लिए संकल्पित है। भारत ने दो-टूक जवाब दिया कि दुनिया पाकिस्तान के दावों को तभी मानेगी जब ज़मीन पर ठोस कार्रवाई दिखेगी।
**ठोस और विश्वसनीय कार्रवाई की ज़रूरत**
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि पाकिस्तान को अपने दावों को साबित करने के लिए ठोस और विश्वसनीय कदम उठाने होंगे। उन्होंने ज़ोर दिया कि सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ पाकिस्तान की कोशिशों को तभी वैश्विक विश्वसनीयता मिलेगी जब उसके काम ज़मीन पर दिखेंगे। यह बयान मुनीर के उस ऐलान के बाद आया जिसमें उन्होंने आतंकवाद को हराने के लिए पाकिस्तानी सशस्त्र बलों के संकल्प की बात कही थी।
इसके अलावा, भारत ने अफगानिस्तान के कुनार और पक्तिका प्रांतों में पाकिस्तान के हवाई हमलों पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। हमलों की निंदा करते हुए जायसवाल ने कहा कि एक संप्रभु पड़ोसी के खिलाफ इस तरह की आक्रामकता क्षेत्रीय शांति और सुरक्षा को कमज़ोर करती है। उन्होंने नागरिकों की मौत पर दुख जताया और घायलों के जल्द ठीक होने की कामना की। संयुक्त राष्ट्र के एक मिशन के अनुसार, कुनार में तीन नागरिकों की मौत और चार लोगों के घायल होने की पुष्टि हुई है। हालांकि, पाकिस्तान का कहना है कि हमलों में आतंकवादियों को निशाना बनाया गया था।
भारत ने अफगानिस्तान की आज़ादी, संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के लिए अपना समर्थन भी दोहराया। अफगानिस्तान ने पाकिस्तानी हमलों को अपनी संप्रभुता का उल्लंघन बताते हुए विरोध दर्ज कराया है।
**रूस-यूक्रेन युद्ध पर भारत का रुख**
विदेश मंत्री एस. जयशंकर की उनके यूक्रेनी समकक्ष के साथ बैठक के बारे में जायसवाल ने कहा कि भारत ने एक बार फिर स्पष्ट किया है कि संघर्ष का शांतिपूर्ण समाधान बातचीत और कूटनीति से ही संभव है। उन्होंने कहा कि भारत रूस और यूक्रेन दोनों के संपर्क में है और हर संभव तरीके से योगदान देने के लिए तैयार है।
**जापान के साथ संबंधों पर चर्चा**
जापान की सत्ताधारी लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी (LDP) के एक प्रतिनिधिमंडल ने विदेश सचिव से मुलाकात की। जयसवाल के अनुसार, बैठक में भारत-जापान संबंधों, आर्थिक सुरक्षा साझेदारी और रक्षा सहयोग पर चर्चा हुई। इस प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व LDP के इंटरनेशनल ब्यूरो के डायरेक्टर जनरल तारो कोनो ने किया।