ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि उत्तर प्रदेश को चार हिस्सों में बांटा जाना चाहिए। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि यूपी का बंटवारा होना तय है और ऐसी स्थिति में वे पूर्वांचल के मुख्यमंत्री बन सकते हैं।
उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (SBSP) के प्रमुख ओम प्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी (SP) के प्रमुख अखिलेश यादव पर निशाना साधा है। राजभर ने यूपी के बंटवारे पर अपनी बात दोहराते हुए कहा कि वे पूर्वांचल के मुख्यमंत्री बन सकते हैं। भगवान हनुमान वाले पोस्टर पर टिप्पणी करते हुए राजभर ने पूछा कि अखिलेश को हनुमान का आशीर्वाद कैसे मिल सकता है, क्योंकि भगवान राम तो "इस तरफ" (NDA के साथ) हैं।
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राजभर ने सवाल किया कि जो लोग राम मंदिर का विरोध करते रहे हैं, उन्हें भगवान राम का आशीर्वाद कैसे मिल सकता है। उन्होंने पहले भी अखिलेश यादव के राम मंदिर न जाने के फैसले पर सवाल उठाए हैं।
**भगवान राम NDA के साथ हैं**
राजभर ने कहा, "भगवान राम यहाँ हैं; भगवान राम BJP के साथ हैं। भगवान राम NDA के साथ हैं। NDA ने ही राम मंदिर बनवाया है।" उन्होंने सवाल किया कि भगवान का आशीर्वाद उन्हें मिलेगा जिन्होंने मंदिर का समर्थन किया या उन्हें जिन्होंने इसका विरोध किया।
**सरकारी नौकरियों को लेकर अखिलेश पर निशाना**
सरकारी नौकरियों के मुद्दे पर बात करते हुए राजभर ने दावा किया कि मौजूदा सरकार में बिना रिश्वत दिए नौकरियां मिल रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकारें नौकरी के बदले पैसे लेती थीं। राजभर ने पहले भी SP सरकार के कार्यकाल में भर्ती को लेकर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं। वहीं, हाल ही में उन्होंने दावा किया कि योगी सरकार के तहत लगभग 9.5 लाख सरकारी नौकरियां दी गई हैं।
**भविष्य में UP को चार हिस्सों में बांटा जाएगा**
उत्तर प्रदेश के बंटवारे से जुड़े सवालों का जवाब देते हुए OP राजभर ने कहा कि राज्य को आखिरकार चार हिस्सों में बांटा जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि अगर पूर्वांचल अलग राज्य बनता है तो वे मुख्यमंत्री बन सकते हैं। राजभर ने कहा, "बंटवारा होगा; मैं भी पूर्वांचल का CM बन सकता हूँ।
" **ओपी राजभर यूपी के बंटवारे की वकालत कर रहे हैं**
राजभर ने हाल ही में यूपी को चार हिस्सों में बांटने की बात कही थी और सुझाव दिया था कि अगर पूर्वांचल को अलग राज्य बनाया जाता है, तो राजभर समुदाय के किसी व्यक्ति को मुख्यमंत्री बनाया जाना चाहिए। हालांकि, अभी तक केंद्र सरकार की ओर से उत्तर प्रदेश के बंटवारे को लेकर कोई आधिकारिक फैसला या कानूनी प्रक्रिया शुरू नहीं की गई है।