राजनाथ सिंह ने पाकिस्तान को कड़ी फटकार लगाई। ताजिकिस्तान में SCO (शंघाई सहयोग संगठन) की 'काउंसिल ऑफ हेड्स ऑफ गवर्नमेंट' की बैठक में बोलते हुए, उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि जो लोग आतंकवाद को फंड देते हैं - और साथ ही दुनिया के सामने शरीफ होने का दिखावा करते हैं - वे एक ऐसा दोहरा रवैया अपना रहे हैं जिसे अब और बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने ताजिकिस्तान में SCO की बैठक के दौरान आतंकवाद के मुद्दे पर पाकिस्तान को आड़े हाथों लिया। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि आतंकवाद के पूरे इकोसिस्टम को खत्म करना होगा, और जो लोग आतंकवादियों को पनाह और आर्थिक मदद देते हैं, उन्हें अलग-थलग कर देना चाहिए।
राजनाथ सिंह ताजिकिस्तान में SCO की 'काउंसिल ऑफ हेड्स ऑफ गवर्नमेंट' की बैठक को संबोधित कर रहे थे, जिसमें पाकिस्तान के उप-प्रधानमंत्री मोहम्मद इशाक डार भी मौजूद थे। डार की मौजूदगी में ही राजनाथ सिंह ने पाकिस्तान को कड़ी फटकार लगाई।
राजनाथ सिंह ने कहा, "इस दोहरे रवैये को अब और बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।" उन्होंने बताया कि कुछ लोग युवाओं को कट्टरपंथी बना रहे हैं, उन्हें आतंकवादी में बदल रहे हैं और उन्हें सुरक्षित पनाह दे रहे हैं। उन्होंने फिर दोहराया कि जो लोग वैश्विक मंच पर शरीफ होने का दिखावा करते हुए आतंकवाद को फंड देते हैं, वे एक ऐसा पाखंड कर रहे हैं जो अब और नहीं चल सकता।
राजनाथ सिंह ने जोर देकर कहा कि ऐसे तत्वों से निपटने के लिए सभी देशों को एकजुट होना चाहिए और आतंकवाद के पूरे इकोसिस्टम को जड़ से मिटा देना चाहिए।
पाकिस्तान आतंकवादियों को पनाह देता है।
यह बात पूरी तरह से साबित हो चुकी है - और कई मौकों पर सामने भी आई है - कि पाकिस्तान आतंकवादियों को पनाह देता है, उन्हें ट्रेनिंग देता है, पालता-पोसता है और भारत में आतंकवाद फैलाने के लिए उनका इस्तेमाल करता है। हमारे बहादुर सशस्त्र बलों ने जिन कई आतंकवादी कैंपों को नष्ट किया था, उन्हें पाकिस्तानी सेना ने फिर से सक्रिय कर दिया है और अब वह उन्हें सैन्य सुरक्षा भी दे रही है। भारत ने हर अंतरराष्ट्रीय मंच पर आतंकवाद में पाकिस्तान की संलिप्तता को बेनकाब किया है - और आज राजनाथ सिंह ने फिर से इसी बात को दोहराया।
पाकिस्तान को आईना दिखाना बहुत जरूरी है: वह चाहे कितना भी दिखावा क्यों न कर ले, दुनिया अच्छी तरह जानती है कि पाकिस्तान ही आतंकवादियों को पनाह देता है। एक तरफ वह अपनी गरीबी का रोना रोकर कर्ज मांगता है, तो दूसरी तरफ वह आतंकवादियों को पालता है और उन्हें ट्रेनिंग देता है। यह पाकिस्तान का दोहरापन है—एक ऐसी प्रवृत्ति जो बार-बार दुनिया के सामने उजागर हो चुकी है।
हालिया रिपोर्टों से पता चलता है कि पाकिस्तान में भुखमरी का संकट और गहरा गया है, और अब यह देश दुनिया के सबसे संकटग्रस्त दस देशों में शामिल हो गया है।