चक्रवात 'अरनाब' के असर से छत्तीसगढ़ के कई जिलों में बारिश और तेज हवाएं चल रही हैं। एहतियात के तौर पर कई जिलों में स्कूल बंद कर दिए गए हैं। मौसम विभाग ने भारी बारिश, आंधी-तूफान और बिजली गिरने को लेकर अलर्ट जारी किया है।
छत्तीसगढ़ में अब चक्रवात 'अरनाब' का असर दिखने लगा है। बुधवार को राजधानी रायपुर समेत कई जिलों में बारिश हुई और तेज हवाएं चलीं। मौसम के हालात को देखते हुए कई जिलों में स्कूलों को बंद रखने का फैसला लिया गया। कुछ इलाकों में गुरुवार के लिए भी एहतियातन छुट्टी घोषित कर दी गई है। मौसम विभाग ने गुरुवार को उत्तरी छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान जताया है। अधिकारियों के मुताबिक, राज्य में अब तक खराब मौसम की वजह से किसी के हताहत होने की कोई खबर नहीं है।
कई जिलों में स्कूल और शिक्षण संस्थान बंद
सुकमा, नारायणपुर, बीजापुर, दंतेवाड़ा और राजनांदगांव समेत कई जिलों में स्कूल बंद रहे। इसके अलावा, रायपुर, नारायणपुर, महासमुंद, बिलासपुर, राजनांदगांव, कांकेर, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, कबीरधाम, सारंगढ़-बिलाईगढ़, सूरजपुर, बलौदा बाजार-भाटापारा और धमतरी में गुरुवार को सरकारी और निजी, दोनों तरह के स्कूलों को बंद रखने के आदेश दिए गए हैं। रायपुर में कॉलेजों और अन्य शिक्षण संस्थानों में भी छुट्टी घोषित कर दी गई है। यह फैसला बारिश, तेज हवाओं और छात्रों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।
आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत एहतियाती कदम
रायपुर जिला प्रशासन की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि भारतीय मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए, 'आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005' के प्रावधानों के तहत एहतियातन छुट्टी घोषित की गई है। प्रशासन का मकसद खराब मौसम के दौरान छात्रों को किसी भी संभावित खतरे से बचाना है। राज्य सरकार ने सभी जिलों के कलेक्टरों को भी अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों के अनुसार, भारी से बहुत भारी बारिश की आशंका को देखते हुए राहत शिविरों की उपलब्धता सुनिश्चित करने, मेडिकल कैंप लगाने और निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर दिया गया है।
**कई जिलों में भारी बारिश की संभावना**
मौसम विभाग ने गुरुवार को उत्तरी छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश का पूर्वानुमान जताया है। बस्तर, बलरामपुर-रामानुजगंज, सूरजपुर, कोरिया और कोरबा जिलों में विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। राज्य के अन्य कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश होने की उम्मीद है। रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय (IGKV) के मौसम विभाग ने किसानों और आम जनता के लिए मौसम संबंधी सलाह जारी की है। इसके अनुसार, 28 अक्टूबर से 1 नवंबर के बीच राज्य के अलग-अलग हिस्सों में हल्की से लेकर बहुत भारी बारिश हो सकती है।
**1 नवंबर तक आकाशीय बिजली गिरने की आशंका**
कृषि मौसम विभाग ने बताया है कि 30 अक्टूबर से 1 नवंबर के बीच राज्य के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। इस दौरान कुछ इलाकों में आंधी-तूफान के साथ आकाशीय बिजली गिरने का भी खतरा है। इससे खेतों में खड़ी फसलों और खुले में रखे गए अनाज को नुकसान पहुंच सकता है। प्रशासन को निर्देश दिया गया है कि वे सतर्क रहें और खराब मौसम के दौरान जरूरी इंतजाम सुनिश्चित करें। 26 अक्टूबर को ही राज्य सरकार ने सभी जिला कलेक्टरों को चक्रवात 'अर्नब' के संभावित असर को देखते हुए सावधानी बरतने के निर्देश दे दिए थे।
**किसानों को फसलें सुरक्षित रखने की सलाह**
मौसम विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि वे धान, मक्का और तिलहन जैसी जो फसलें पक चुकी हैं, उनकी कटाई कर लें और उपज को सुरक्षित स्थान पर रख दें। जिन किसानों ने पहले ही फसल की कटाई कर ली है, उन्हें अनाज ऐसी जगह रखने की सलाह दी गई है जहां बारिश का पानी न पहुंच सके। खेतों में जलभराव को रोकने के लिए जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा, गेहूं, चना और मसूर जैसी रबी फसलों की बुआई को तब तक टालने की सलाह दी गई है, जब तक कि मौसम में सुधार न हो जाए।