चुनाव आयोग ने महाराष्ट्र में 'विशेष सारांश पुनरीक्षण' (SSR) प्रक्रिया की तारीखें बढ़ा दी हैं। अब अंतिम मतदाता सूची 30 नवंबर को जारी की जाएगी। इसके अलावा, दावे और आपत्तियां दर्ज करने की समय-सीमा में भी बदलाव किया गया है।
SSR प्रक्रिया को लेकर चल रहे विवाद के बीच, चुनाव आयोग ने महाराष्ट्र में इस प्रक्रिया की तारीखें बढ़ा दी हैं। अब संशोधित अंतिम मतदाता सूची 30 नवंबर को जारी की जाएगी। आयोग ने इस संबंध में एक अधिसूचना जारी की है, जिसमें पांच अन्य राज्य भी शामिल हैं।
इस संशोधित कार्यक्रम के अनुसार, दावे और आपत्तियां दर्ज करने की अवधि 31 अगस्त 2026 से 13 नवंबर 2026 तक तय की गई है। इसके बाद, इन दावों और आपत्तियों पर कार्रवाई और उनका निपटारा 31 अगस्त 2026 से 25 नवंबर 2026 के बीच किया जाएगा, और फिर 30 नवंबर को मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी।
**आयोग ने राज्य में जनसंपर्क बढ़ाने के निर्देश दिए**
चुनाव आयोग ने राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी को निर्देश दिया है कि वे सुनिश्चित करें कि संशोधित कार्यक्रम के बारे में जनता को तुरंत सूचित किया जाए। आयोग ने पूरे राज्य में जागरूकता अभियान तेज करने को कहा है, ताकि मतदाता सूची पुनरीक्षण प्रक्रिया समय पर पूरी हो सके। ऐसी पूरी उम्मीद है कि इन तारीखों में अब और कोई विस्तार नहीं किया जाएगा।
**विपक्षी दलों ने SSR प्रक्रिया का विरोध किया**
गौरतलब है कि विपक्षी दलों ने SSR प्रक्रिया को लेकर भाजपा और चुनाव आयोग पर गड़बड़ी का आरोप लगाया है। इसके चलते महाराष्ट्र सहित कई राज्यों में विरोध-प्रदर्शन हो रहे हैं। 'इंडिया' (INDIA) गठबंधन ने आरोप लगाया है कि इस प्रक्रिया का इस्तेमाल 'वोट चोरी' को आसान बनाने के लिए किया जा रहा है। 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में एक रैली भी आयोजित की जानी है। विपक्ष, चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और SSR प्रक्रिया को तुरंत रोकने की मांग कर रहा है।
वहीं, चुनाव आयोग का कहना है कि SSR प्रक्रिया पूरी तरह से वैध है और सामने आई किसी भी विसंगति को सुधारा जा रहा है। आयोग ने 'वोट चोरी' के आरोपों को भी सिरे से खारिज कर दिया है। इसके बावजूद, विपक्ष अपनी मांगों पर अड़ा हुआ है।