ऑल लद्दाख लिकर ट्रेडर्स एसोसिएशन ने केंद्र शासित प्रदेश में शराब की बिक्री, और खास तौर पर पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के ब्रांड 'उले टोपो' (Ule Topo) को लेकर सवाल उठाए हैं।
शनिवार (31 अक्टूबर) को, ऑल लद्दाख लिकर ट्रेडर्स एसोसिएशन ने केंद्र शासित प्रदेश में शराब की बिक्री पर पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के रुख पर सवाल खड़े किए। इसके अलावा, उन्होंने वांगचुक के अपने ब्रांड 'उले टोपो' (सेब से बनी वाइन) के लाइसेंस को लेकर भी चिंता जताई।
एसोसिएशन ने पूछा कि क्या इस ब्रांड के पास अपने उत्पाद बेचने के लिए जरूरी सरकारी लाइसेंस हैं, और प्रशासन ने अब तक इस मामले में कोई कार्रवाई क्यों नहीं की है। वांगचुक ने 1 जून 2026 को लागू की गई नई आबकारी नीति (2026-27) पर आपत्ति जताई है, जिसमें लद्दाख में शराब की खुदरा दुकानों की संख्या 2 से बढ़ाकर 20 करने का प्रस्ताव है।
वांगचुक पर आरोप
शनिवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान, एसोसिएशन के एक प्रतिनिधि ने वांगचुक पर शराब के सेवन को लेकर अलग-अलग रुख अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने लद्दाख को 'ड्राई रीजन' (शराब मुक्त क्षेत्र) बनाने की वांगचुक की मांग पर सवाल उठाते हुए कहा कि इससे पहले उन्होंने 'चांग' (एक पारंपरिक मादक पेय) के बारे में सकारात्मक बात कही थी।
प्रतिनिधि ने पूछा कि शराब पर प्रतिबंध लगाने के लिए इतना जोर क्यों दिया जा रहा है, जबकि नशीले पदार्थों के सेवन, धूम्रपान और मांस खाने जैसे अन्य मुद्दों पर उतना ध्यान क्यों नहीं दिया जाता? एसोसिएशन ने यह भी पूछा कि अगर 'उले टोपो' के पास जरूरी लाइसेंस नहीं हैं, तो प्रशासन ने इसकी बिक्री के खिलाफ अब तक कोई कार्रवाई क्यों नहीं की है।
एसोसिएशन का बयान
प्रतिनिधि ने वांगचुक पर आरोप लगाया कि वे अपनी पसंद के मुद्दों को ही उठाते हैं। उन्होंने वांगचुक से अपील की कि वे शराब के कारोबार से जुड़े लोगों की आजीविका में दखल न दें। उन्होंने कहा कि अगर मांस खाने, धूम्रपान करने और नशीले पदार्थों के इस्तेमाल जैसी अन्य चीजों पर भी इसी तरह के नियम लागू किए जाएं, तो एसोसिएशन शराब पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाने का समर्थन करेगा।
यह प्रेस कॉन्फ्रेंस उस घटना के एक दिन बाद हुई, जब महिला संगठनों ने लद्दाख की शराब नीति के खिलाफ अपना विरोध प्रदर्शन रोक दिया था। ऐसे चार संगठन इस नई नीति को पूरी तरह वापस लेने और लद्दाख को 'ड्राई केंद्र शासित प्रदेश' घोषित करने की मांग कर रहे हैं।