- पाक में नापाक हरकत! पेशावर में सिख व्यक्ति की गोली मारकर हत्या, 48 घंटे में दूसरा हमला

पाक में नापाक हरकत! पेशावर में सिख व्यक्ति की गोली मारकर हत्या, 48 घंटे में दूसरा हमला

पेशावर। पाकिस्तान के पेशावर में अल्पसंख्यकों को ‎‎निशाना बनाया जा रहा है, यहां एक ‎‎‎सिख दुकानदार की गोली मारकर हत्या कर दी गई। जब‎कि एक ‎दिन पहले भी एक ‎सिख व्य‎‎क्ति की हत्या के प्रयास का मामला सामने आया था। ‎मिली जानकारी के अनुसार 32 वर्षीय मनमोहन सिंह के रूप में पहचाने जाने वाले व्यक्ति की खैबर पख्तूनख्वा में पेशावर के रशीद गढ़ी बाजार में गोली मारकर हत्या कर दी गई।


 इससे एक बार फिर पड़ोसी देश में अल्पसंख्यक समुदाय के सदस्यों की सुरक्षा पर सवाल खड़ा हो गया। इससे पहले शुक्रवार को पेशावर में तरलोक सिंह नाम के एक सिख दुकानदार को अज्ञात लोगों ने गोली मार दी थी, लेकिन वह जान बचाने में कामयाब रहे। सोशल मी‎‎डिया पर यह खबर खूब चल रही है। हालां‎कि मानवतावादी समूह यूनाइटेड सिख के ट्विटर पर इस घटना के बारे ट्वीट किया गया।


 ट्वीट में कहा गया है कि ‘मनमोहन सिंह पेशावर के रशीद गढ़ी में एक किराने की दुकान चलाते थे और अपने परिवार के लिए कमाने वाले एकमात्र व्यक्ति थे। इससे जहां ए‎रिया में सनसनी फैल गई, वहीं ‎सिख समुदाय में भी भारी रोष व्याप्त हो गया है। 
प्रत्यक्षद‎र्शियों के अनुसार घटना उस वक्त हुई जब मनमोहन अपनी दुकान बंद कर घर जा रहे थे। उसी समय दो मोटरसाइकिल सवार हमलावरों ने पहले उनका पीछा किया और फिर उन पर गोलियां चला दीं, इसके बाद उनकी मौके पर ही मौत हो गई। उनके परिवार में पत्नी, एक बच्चा, बुजुर्ग माता-पिता, एक बहन और एक विकलांग भाई है।

यहे भी जानिये ...........................


 मानवतावादी समूह यूनाइटेड सिख्स ने कहा कि वे पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों के अधिकारों की रक्षा के लिए राज्य विभाग के हस्तक्षेप की मांग करने के लिए अन्य समूहों के साथ पाकिस्तान वाणिज्य दूतावास से मुलाकात करेंगे। उन्होंने कहा ‎कि हम पाकिस्तानी सरकार से इन हमलों के अपराधियों को सजा ‎दिलवाने के हर संभव प्रयास करेंगे। यूनाइटेड सिख्स ने आगे कहा कि हत्या का यह पैटर्न बहुत डरावना है, नापाक साजिश का हिस्सा लगता है। 


सिख 1947 से पाकिस्तान में शांति से अल्पसंख्यक के रूप में रह रहे हैं। अचानक कड़ी मेहनत करने वाले सिखों पर ये घातक हमले हो रहे हैं? उनके पीछे कौन है? संदेश क्या है?’ गौरतलब है ‎कि कि लगभग 300 सिख परिवार, जिनमें अधिकतर पश्तून सिख हैं, वर्तमान में पेशावर की कॉलोनियों में रह रहे हैं। समुदाय के सदस्य लगातार हिंसा के खतरे में जी रहे हैं, हाल के वर्षों में उन्हें कई बार निशाना बनाया है।इसके ‎लिए कार्रवाई होनी चा‎हिए।



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