नई दिल्ली । साल 2018 का आखिरी महीना, तारीख थी 21 दिसंबर, 10 दिन बाद नए साल का आगाज होने वाला था, देशवासी न्यू ईयर मनाने की तैयारी कर रहे थे और सर्दी भी अपने शबाब पर थी, लेकिन पंजाब के अटारी-वाघा बॉर्डर के माहौल में सर्दी के बजाय गर्मी दिख रही थी। इसकी वजह, करीब छह साल बाद पाकिस्तान की पेशावर सेंट्रल जेल में अपने दिन गुजार चुका एक भारतीय वापस अपने वतन लौट रहा था। नाम था ‘हामिद निहाल अंसारी ये वही हामिद हैं, जिन्हें फेसबुक पर एक पाकिस्तानी युवती से इस कदर मोहब्बत हुई कि वह अपने कदम को बॉर्डर पार करने से भी नहीं रोक पाए। उसके बाद दुश्मन देश में उनके साथ क्या सुलूक हुआ, उन्होंने खुद मीडिया में अपनी जुबान से बयां किया था।

आप सोच रहे होंगे कि आज हम हामिद निहाल अंसारी की बात क्यों कर रहे हैं, चार साल बाद हमें हामिद की याद क्यों आ गई? इसकी वजह यह है कि इस समय एक भारतीय युवती अंजू पाकिस्तानी के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के रहने वाले युवक नसरुल्लाह के प्यार में दुश्मन देश पहुंच गई है। अंजू को भी नसरुल्लाह से फेसबुक पर प्यार हुआ था। दोनों के निकाह की फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहे हैं। खबर तो यहां तक है कि अंजू धर्म परिवर्तन कर ‘फातिमा’ बन गई है। अंजू और हामिद की लव स्टोरी में फर्क बस इतना है कि अंजू वीजा लेकर पाकिस्तान पहुंची और हामिद बिना वीजा के ही अफगानिस्तान के रास्ते पाकिस्तान के इसी खैबर पख्तूनख्वा प्रांत पहुंचा था, जहां अभी अंजू है। अंजू का वीजा 20 अगस्त को समाप्त हो रहा है। अभी उसे वापस आने में 25 दिन का वक्त है, लेकिन इन 25 दिनों में अंजू का वहां रहना भारतीयों के मन डर पैदा कर रहा है,

क्योंकि पाकिस्तानी आर्मी और वहां की खूफिया एजेंसी आईएसआई के इरादे हिंदुस्तान को लेकर क्या हैं, ये जग जाहिर है। एक वजह यह भी है कि, क्योंकि दुश्मन देश में अपने प्यार को पाने गए हामिद के साथ वहां की आर्मी और खूफिया एजेंसी आईएसआई ने क्या सितम ढाया था, वो खुद हामिद ने अपनी जुबान से बयां किया था। हामिद ने बताया था कि वह एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर थे। साल 2010 में उनकी उम्र 25 साल थी। जवानी के दिन थे तो वह भी प्यार-मोहब्बत में पड़ गए। प्यार भी कहीं और नहीं बल्कि सीमा पार पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत की रहने वाली युवती से। दोनों की मुलाकात फेसबुक पर हुई थी। हामिद ने बताया कि दोनों की फेसबुक पर प्यार भरी बातें होने लगी।
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फिर फोन पर भी बात होने लगी। इसी बीच साल 2011 की शुरुआत में एक दिन युवती ने बताया कि उसके घर वाले जबरदस्ती शादी करा रहे हैं। वह अभी शादी नहीं करना चाहती है। आप यहां आकर मुझे बचा लो। यह सुन उन्होंने पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत जाने का निर्णय कर लिया। इसके लिए उन्होंने वीजा के लिए अप्लाई किया, लेकिन 10 महीने तक वीजा का कोई रिप्लाई नहीं आया। इसी बीच लड़की के कुछ जानने वालों ने उनसे संपर्क किया और कहा कि तुम्हें अपने प्यार की मदद करने के लिए यहां आना होगा।