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रहस्यमय ग्रह निबिरू की धरती से होगी टक्कर तो महाप्रलय निश्चित आएगा
-वैज्ञानिकों और भौतिकविदों के बीच चल रहा विवाद, ज्यादातर ने घटना को नकारा
वॉशिंगटन । एक रहस्यमय ग्रह निबिरू की धरती से जोरदार टक्कर होगी और महाप्रलय हो जाएगा। यह चर्चा इन दिनों वैज्ञानिकों और भौतिकविदों के बीच जोर पकड़ रही है। हालांकि ज्यादातर ने इसे पूरी तरह से नकार दिया है। गौरतलब है कि प्लैनेट एक्स के नाम से जाना जाने वाला रहस्यमय खगोलपिंड कई वर्षों से प्रलय के सिद्धांत देने वालों और वैज्ञानिकों के बीच विवाद का विषय रहा है। वैज्ञानिकों का कहना है कि इस बात की बेहद कम संभावना है कि यह ग्रह पृथ्वी से टकरा जाए। निबिरू को प्रलय के रूप में संदर्भित किए जाने वाले एक महाविनाश की भविष्यवाणी कुछ लोग करते हैं। इसमें एक विशाल रहस्यमय ग्रह पृथ्वी से टकराता है, जिससे सर्वनाश हो जाता है।
हालांकि कई लोग इस रहस्यमय प्लैनेट एक्स के अस्तित्व को ही पूरी तरह से नकारते हैं। लेकिन एक भौतिक विज्ञानी का कहना है कि इस तरह की टक्कर को पूरी तरह खारिज करना उचित नहीं होगा। हालांकि 1995 में इसे प्रस्तावित किया गया था। सभी वैज्ञानिकों का आम तौर पर यही मत है कि ऐसी कोई विनाशकारी मुठभेड़ नहीं होने वाली है। इसमें नील डेग्रेस टायसन सहित वह विशेषज्ञ भी हैं जो प्लैनेट एक्स के अस्तित्व को खारिज करते हैं।
हालांकि इसे 9वें ग्रह के रूप में भी जाना जाता है। जानकार बताते हैं कि निबिरू का उल्लेख प्राचीन सुमेरियन मिट्टी की पट्टियों पर किया गया है। किंवदंती के मुताबिक यह शुरुआती सौर मंडल से टकराया और फिर से गायब होने से पहले एस्टेरॉयड बेल्ट और पृथ्वी का निर्माण किया। इस मामले में एस्टन यूनिवर्सिटी में विज्ञान के विजिटिंग भौतिकी प्रोफेसर रॉबर्ट मैथ्यूज ने 2018 में निबिरू से जुड़े भय का संक्षिप्त लेकिन स्पष्ट विश्लेषण किया था। उन्होंने कहा कि यह सच है कि सौर मंडल से दूर विफल तारे छिपे हुए हैं, जिन्हें भूरे रंग के बौने के रूप में जाना जाता है।
यह मुश्किल से बृहस्पति ग्रह से बड़े हैं। हालांकि इनमें से किसी के साथ एक विनाशकारी मुठभेड़ की संभावना बेहद कम है। कुछ इसी तरह लेखिका नैन्सी लीडर ने 1995 में दावा किया था कि एलियन ने उनसे संपर्क किया है। उनके मन में पहली बार यह विचार आया था कि निबिरू पृथ्वी से टकरा सकता है। उन्होंने और उनके फॉलोवर्स ने दावा किया था कि दुनिया 2003 में खत्म हो जाएगी। जब 2003 में प्रलय नहीं आया तो तारीखों को और आगे बढ़ा दिया गया। इसे 21 जून 2020 कर दिया गया। हालांकि ऐसा कुछ भी हुआ नहीं।
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