डॉ कलाम, मेमोरीज नेवर डाई पुस्तक का विमोचन किया
नई दिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में बड़ी प्रगति कर रहा है। यह दृष्टिकोण प्रतिष्ठित वैज्ञानिक और दिवंगत राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम का था। डॉ कलाम, मेमोरीज नेवर डाई पुस्तक के विमोचन समारोह को संबोधित कर शाह ने भारतीय अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी के लिए उनकी उत्कृष्ट सेवाओं के लिए कलाम की सराहना की। केंद्रीय मंत्री शाह ने कहा, पीएम मोदी के नेतृत्व में हमारे छात्रों, युवाओं और उनके स्टार्टअप के लिए अंतरिक्ष विज्ञान में अवसर खुले हैं।

कलाम का अंतरिक्ष विज्ञान में उपलब्धियों का सपना पीएम मोदी के नवाचारों और नई पहलों से पूरा होगा। और मुझे विश्वास है कि अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में भारत पूरी दुनिया का नेतृत्व करेगा। शाह ने कहा, दिवंगत पूर्व राष्ट्रपति के नक्शेकदम पर चलकर पीएम मोदी के नेतृत्व में देश ने 55 अंतरिक्ष यान मिशन, 50 लांच वाहन मिशन और 11 छात्र उपग्रह लांच किए। उन्होंने बताया कि एक ही उड़ान में रिकॉर्ड 104 उपग्रहों (पीएसएलवी-सी37, ध्रुवीय उपग्रह प्रक्षेपण यान) को लांच किया गया और एक उपग्रह के पुनः प्रवेश (पृथ्वी के वायुमंडल में) का प्रयोग भी सफलतापूर्वक पूरा किया गया। इसके पहले शाह ने यहां रैली को संबोधित कर अपनी पार्टी की राज्य इकाई के अध्यक्ष के अन्नामलाई की राज्यव्यापी पदयात्रा एन मन एन मक्कल (मेरी भूमि, मेरे लोग) को हरी झंडी दिखाई। रामेश्वरम पूर्व राष्ट्रपति अब्दुल कलाम (1931-2015) का गृह नगर है।

पूर्व राष्ट्रपति के जीवन और समय का जिक्र कर शाह ने कहा कि कलाम जी ने अपना जीवन अखबार बांटने वाले एक पेपर बॉय के रूप में शुरू किया था, बाद में इन्होंने देश के लिए किए कामों से सुर्खियां बटोरीं और अंततः भारत के राष्ट्रपति का उच्च पद ग्रहण किया। कलाम ने अपने कार्यों से सार्वजनिक जीवन में ईमानदारी का परिचय दिया और यही बात बताती है कि लोग उन्हें जनता के राष्ट्रपति के रूप में याद करते हैं। उन्होंने याद किया कि कलाम के राष्ट्रपति काल के दौरान जब उनसे मिलने वाले लोग नौ दिनों के लिए राष्ट्रपति भवन में रुके थे, तब उन्होंने उनके रहने के लिए सरकार को 9.52 लाख रुपये भेजे थे,
ये भी जानिए..................
हालांकि प्रोटोकॉल के अनुसार वे राज्य-अतिथि थे। फील्ड मार्शल मानेकशॉ के साथ एक बैठक के बाद दिवंगत राष्ट्रपति ने पूर्वव्यापी प्रभाव से उनके लंबित भुगतान की व्यवस्था करके इसतरह के अधिकारियों और सशस्त्र बलों के कर्मियों के प्रति अपना सम्मान दिखाया। उनकी विनम्रता की सराहना कर शाह ने कहा कि कलाम एकमात्र व्यक्ति थे जो राष्ट्रपति के रूप में केवल दो सूटकेस के साथ राष्ट्रपति भवन में प्रवेश करते थे और पद छोड़ने के बाद बिल्कुल उसी तरह घर गए थे।