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चलो मुंबई! मोदी द्वारा उद्घाटन किए गए 3,500 करोड़ रुपये के सूरत हीरा बाजार से व्यापारी भागे
मुंबई, । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 17 दिसंबर 2023 को भव्य हीरा बाजार यानी सूरत डायमंड बोर्स के उद्घाटन के एक महीने के भीतर ही व्यापारियों ने इस बाजार को छोड़ना शुरू कर दिया है। हीरा उद्योग में अग्रणी नाम किरण जेम्स ने सूरत से अपने दरवाजे बंद करने और मुंबई वापस आने का फैसला किया है। गौरतलब हो कि सूरत के हीरा बाजार को केंद्र में प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व वाली सरकार की एक बहुत ही महत्वपूर्ण परियोजना माना जाता है। लेकिन किरण जेम्स कंपनी ने इस प्रोजेक्ट से बाहर निकलने का फैसला किया है. यह कंपनी मुंबई से दोबारा अपना परिचालन शुरू करने जा रही है। सूरत हीरा बाजार में अंदरूनी राजनीति से तंग आकर किरण जेम्स कंपनी द्वारा मुंबई वापस लौटने की चर्चा भी दबी जुबान में हो रही है. खबर है
कि बाजार की प्रबंधन समिति के अध्यक्ष नागजीभाई सकारिया ने पिछले सप्ताह पद से इस्तीफा दे दिया था। नागजीभाई के अचानक इस्तीफे से हीरा उद्योग में अस्थिरता का माहौल बन गया। इन सभी घटनाक्रमों के कारण सूरत में नव स्थापित बाजार की व्यवहार्यता पर सवाल खड़े हो गए हैं। सूरत के हीरा बाजार से बाहर निकल रहे किरण जेम्स ने चिंता जताई है कि सूरत में हीरा कारोबार की चमक तेजी से फीकी पड़ रही है. मुंबई में यह कंपनी एक दिन में 100 रुपये कमाती है, जबकि सूरत में यही रकम महज 20 रुपये थी. इसके अलावा सूरत शहर देश के अन्य हिस्सों से हवाई मार्ग से भी अच्छी तरह जुड़ा नहीं है। कंपनी से जुड़े एक सदस्य ने नाम न छापने की शर्त पर कहा, सूरत से हीरे का परिवहन कैसे किया जाए यह सवाल भी हमारे लिए एक गंभीर मुद्दा बनता जा रहा है। इसके अलावा सूरत में मुख्य समस्या यह है कि मुंबई के कई कुशल हीरा श्रमिक मुंबई छोड़कर सूरत की ओर पलायन करने को तैयार नहीं हैं।
कैसा है ये बाज़ार?
सूरत डायमंड बोर्स नामक इस केंद्र को कच्चे और पॉलिश किए गए हीरे के साथ-साथ हीरे के आभूषणों के व्यापार का वैश्विक केंद्र कहा जाता था। केंद्र में आयात और निर्यात के लिए अत्याधुनिक सीमा शुल्क निकासी गृह, खुदरा आभूषण व्यवसाय के लिए आभूषण मॉल और अंतरराष्ट्रीय बैंकिंग और सुरक्षित वॉल्ट की सुविधाएं हैं। 3500 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से बनी यह इमारत 67 लाख वर्ग फुट क्षेत्रफल में फैली हुई है। इमारतों में लगभग 4500 हीरा व्यापार कार्यालयों के लिए जगह और क्षमता है। अगस्त 2023 में, डायमंड रिसर्च एंड मर्केंटाइल (ड्रीम) सिटी का हिस्सा, इस इमारत को गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स द्वारा दुनिया की सबसे ऊंची कार्यालय इमारत के रूप में मान्यता दी गई थी।
वर्तमान में हीरा बाजार का व्यापार सूरत और मुंबई से होता है। पहले देश में मुंबई हीरा बाजार का एकमात्र और मुख्य केंद्र था। सूरत डायमंड बोर्स (एसडीबी) में हीरे की कटाई, पॉलिशिंग, व्यापार और अनुसंधान जैसी प्रक्रियाएं एक ही स्थान पर करने की योजना बनाई गई थी। इसके परिणामस्वरूप, यह कहा गया कि मुंबई का हीरा उद्योग सूरत में स्थानांतरित हो जाएगा। लेकिन अपर्याप्त सुविधाओं और आंतरिक राजनीति के चलते यह नया प्रयोग फ्लॉप हो गया है और तस्वीर यह दिख रही है कि हीरा व्यापारियों ने फिर से मुंबई की राह पकड़ ली है।
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