- कर्मचारी कल्याण आयोग अध्यक्ष ह्वह्य सीएम को चिट्ठी लिख की मांग
भोपाल । प्रदेश में कर्मचारियों के रिटायरमेंट के चलते घटती संख्या और नई भर्ती में देरी को देखते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से कर्मचारियों की रिटायरमेंट की उम्र 65 साल करने की अनुशंसा की गई है। मप्र राज्य कर्मचारी कल्याण समिति के अध्यक्ष रमेश चंद्र शर्मा ने सीएम को इसको लेकर पत्र लिखा है। कहा है कि वल्लभ भवन के 60 प्रतिशत कर्मचारी रिटायर हो चुके हैं। सरकार का कामकाज प्रभावित हो रहा है। शर्मा ने तीन दिन पहले सीएम डॉ. मोहन यादव को लिखे पत्र में कहा है कि नई भर्ती में हो रही देरी और पदोन्नति रुकी होने से कर्मचारियों की कमी का सामना करना पड़ रहा है। विभागीय कामकाज प्रभावित हो रहे हैं। सरकार ने पिछले महीनों में विभागों में भर्ती के लिए परीक्षाएं ली हैं और परिणाम भी घोषित हो रहे हैं, लेकिन इसके बाद भी एक लाख पद प्रदेश भर में खाली हैं। इसलिए रिक्त एक लाख नए पदों की भर्ती प्रक्रिया भी शुरू की जाए, ताकि कर्मचारी की कमी को पूरा किया जा सके।
विभागाध्यक्षों को मिले कर्मचारी रखने के पावर
शर्मा ने सीएम को लिखे पत्र में कहा है कि वल्लभ भवन के 60 प्रतिशत कर्मचारी रिटायर हो गए हैं। यहां कई विभागों में चपरासी नहीं रह गए हैं। ऐसे में विभागाध्यक्षों को कर्मचारियों को सेवा में रखने के अधिकार दिए जाने चाहिए। सरकार को नियमों में सरलीकरण करने की जरूरत है। वैसे तो संविदा में कर्मचारी रखने के नियम हैं, पर इसमें विभागीय प्रक्रिया और मंजूरी मिलने में बहुत वक्त लगता है। इसलिए विभागाध्यक्षों को पावर दिए जाने चाहिए।
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पदोन्नति वाले पदों को प्रभार से जल्द भरा जाए
शर्मा ने चर्चा में कहा कि चुनाव के पहले कई विभागों ने पदोन्नति न हो पाने पर प्रभार देने की व्यवस्था लागू की थी। कई विभागों ने पदोन्नति के लिए प्रभार देने के आदेश भी जारी किए थे, लेकिन अब यह काम रुका हुआ है। अभी भी दो दर्जन से अधिक विभागों में इसको लेकर काम होना बाकी है। इसलिए पदोन्नति वाले पदों पर प्रभार देने का आदेश जारी किया जाए, ताकि वरिष्ठ कर्मचारियों वाले कामकाज प्रभावित न हों।