भोपाल। बिजली का बिल संयुक्त परिवारों में कलह का कारण बन रहा है। महंगी होती बिजली के बिल देख कर उन्हें आपस में शेयर कर बिल चुकाना अब भारी पड़ रहा है। परिवारों की ये मुश्किलें बिजली कंपनी के लिए भी मुसीबत का कारण बन रही हैं। इसके बाद वे नियमों का हवाला देकर रजिस्टर्ड डॉक्युमेंट्स मांग रहे हैं।
बिजली का बिल आते ही एक छत के नीचे रह रहे कई परिवार या तो आपस में झगड़ते नजर आ रहे हैं या फिर आपसी सहमति से अलग हो रहे हैं, ताकि बिजली मिल आधा न बांटना पड़े। लेकिन वास्तव में कौन बिजली यूनिट कौन ज्यादा यूज कर रहा है यह पता नहीं चल पा रहा... ऐसे में परिवार के सदस्य बिजली कंपनी से अलग कनेक्शन के लिए आवेदन कर रहे हैं लेकिन रजिस्टर्ड डॉक्यूमेंट्स न होने के कारण मायूस लौट रहे हैं। दरअसल पारिवारिक सहमति से संयुक्त परिवार एक ही छत के नीचे लेकिन सहमति से बंटवारे के बीच रह रहे हैं। घरों में बंटवारे हो चुके हैं, ऐसे में बिजली का महंगा बिल आते ही उसका आपस में खर्च बांटने को लेकर अब घर-परिवारों में झगड़े बढ़ रहे हैं। लड़ाई इस बात पर हो रही है कि किसने कितने यूनिट बिजली यूज की है, तो बिल भी उसे ही ज्यादा चुकाना होगा।
करना पड़ा बंटवारा
बिजली कंपनी ने बिल की राशि बढ़ा दी है। इसलिए बिल चुकाना मुश्किल हो चला है। इसके कारण हमने अपने मकान में बंटवारा करना पड़ा है। सभी भाई अपने-अपने हिस्से में रह रहे हैं। लेकिन फिर भी बिजली कंपनी नया कनेक्शन नहीं दे रही है। बिजली की खपत बढ़ी है। बिजली बिल ज्यादा आता है जिससे अब जेब पर बोझ बढऩे लगा है। इसलिए परिवार संयुक्त है, अब आपसी सहमति से हमने अपना बिजली कनेक्शन नया लेने के लिए आवेदन किया, लेकिन अधिकारियों को बंटवारे का सहमति पत्र नहीं बल्कि, कानूनन किए गए बंटवारे की कॉपी चाहिए। ऐसे में नया कनेक्शन नहीं मिल पा रहा है।
ये भी जानिए.................
अलग कनेक्शन से कंपनी को है फायदा, लेकिन नियम ने रोका
- नए कनेक्शन के लिए दी जाने वाली फीस के तौर पर राजस्व मिलेगा
- मीटर चार्ज के अलावा भार क्षमता के अनुसार फिक्स चार्ज में बिजली कंपनी राजस्व ले सकेगी
- बिजली कनेक्शन बढ़ेंगे और बिजली चोरी में भी कमी आएगी
- लेकिन नियमों का पालन करने पर ही अलग कनेक्शन दिया जाएगा