नई दिल्ली । केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश अंतरिम बजट में राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली (एनसीटीडी) के लिए सिर्फ 1,168 करोड़ रुपये आवंटित किये गए हैं। दिल्ली की आम आदमी पार्टी सरकार ने बजट आवंटन को लेकर केंद्र पर सौतेला व्यवहार करने का आरोप लगाया है। दिल्ली सरकार में वित्त मंत्री आतिशी ने बीजेपी पर तंज करते हुए कहा कि बजट साबित करता है कि यह जुमला सरकार है। पीएम मोदी ने 2014 में कहा था कि वह हर साल 2 करोड़ नौकरियां देंगे लेकिन 10 साल में एक करोड़ लोगों को भी नौकरी नहीं मिली। आतिशी ने कहा कि केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अंतरिम बजट में एक नया जुमला दिया है। इस बार जुमला यह है कि वो 55 लाख नौकरियां देंगे। महंगाई कम करने के लिए कोई कदम नहीं उठाया गया।
दिल्ली के साथ केंद्र सरकार हमेशा सौतेला व्यवहार करती है। जितना टैक्स दिल्ली की जनता देती है, उसे देखते हुए केंद्र को दिल्ली को 15 हजार देना चाहिए था। केंद्र ने सभी को पैसा दिया है लेकिन दिल्ली एमसीडी को 1 रुपये भी नहीं दिया। उन्होंने कहा कि बीजेपी नेतृत्व वाली केंद्र सरकार वास्तव में खोखले वादों की सरकार है। उन्होंने कहा सरकार ने शहरी स्थानीय निकायों को 15,000 करोड़ रुपये से लेकर 16,000 करोड़ रुपये की केंद्रीय सहायता प्रदान की है, लेकिन एमसीडी के लिए कोई आवंटन नहीं किया है। उनके पास दिल्ली सरकार या एमसीडी के लिए पैसा नहीं है
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की ओर से गुरुवार को पेश अंतरिम बजट में वित्त वर्ष 2024-25 के लिए दिल्ली को 1,168.01 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। वर्ष 2022-23 के बजट में दिल्ली को 960 करोड़ रुपये आवंटित किये गए थे। जबकि वर्ष 2023-24 में इसे बढ़ाकर 1,168।01 करोड़ रुपये कर दिया गया था। इस बार दिल्ली के बजट को बढ़ाया नहीं गया। दिल्ली के लिए केंद्रीय करों और शुल्कों में हिस्सेदारी के बदले कोई अनुदान नहीं है। वर्ष 2022-23 के बजट में यह 325 करोड़ रुपये था।
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