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केंद्र की टायफाइड से बचाव का टीका लगाने की तैयारी
अभी निजी अस्पतालों में लग रहा है यह टीका
भोपाल । टायफाइड से बचाव के लिए केंद्र सरकार इसी वर्ष से टीकाकरण शुरू करने की तैयारी कर रही है। यह टीके अभी निजी अस्पतालों में लगाए जा रहे हैं। चालू साल के अंत तक इसे राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रम में शामिल करने की कोशिश की जा रही है। यह टीका लगने से 30 से 40 वर्ष तक के लिए टायफाइड से बचाव हो सकेगा। अभी निजी अस्पतालों में यह टीका लग रहा है। इसकी मात्र एक डोज लगती है, जिसमें लगभग दो हजार रुपये का खर्च आता है। राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रम में शामिल होने पर निश्शुल्क टीका लग सकेगा।अभी यह तय किया जाना है कि टीका सभी को लगेगा या जोखिम में आने वाले लोगों को। बता दें कि टायफाइड बीमारी साल्मोनेला पैराटाइफी बैक्टीरिया से होती है। यह बैक्टीरिया पाचन तंत्र में पनपता है।
दूषित खाना-पानी और संक्रमित व्यक्ति के मल के साथ या सीधे संपर्क से व्यक्तियों के बीच फैलता है। इसमें तेज बुखार, सिर दर्द, पेट में दर्द और ब्लीडिंग जैसे लक्षण दिखाई देते हैं। समय पर उपचार नहीं कराने से रोगी की मौत भी हो सकती है। प्रदेश के राज्य टीकाकरण अधिकारी डा. संतोष शुक्ला ने बताया के इस वर्ष अंत तक यह टीका लगाने की शुरुआत हो सकती है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इस वर्ष तीन वैक्सीन लाने की तैयारी है। इसमें 18 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को टीबी से बचाव का टीका, महिलाओं को सर्वाइकल कैंसर से बचाने के लिए एचपीवी वैक्सीन और टायफाइड का टीका शामिल है।
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