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बिहार में 'स्वर्गलोक' में गुरुजी ने रचाई शादी! सर्टिफिकेट देख लोग भी हैरान
औरंगाबाद । आपने सुना होगा कि जीते जी इंसान की कई शादियां हो सकती हैं, लेकिन एक इंसान के स्वर्गलोक जाने के बाद भी उसकी शादी हुई। स्वर्ग में शादी के बाद सरकारी महकमे ने इस शादी का प्रमाण भी दिया है। अब लोग इस पर आपत्ति कर रहे हैं। मामले में सरकारी महकमें की कार्यशैली पर सवाल भी उठा रहे हैं। सवाल है कि एक शख्स की स्वर्गलोक में शादी का सर्टिफेकेट कैसे जारी कर दिया।जानकारी के अनुसार शंकर चौधरी हथियारा गांव के निवासी और पेशे से सरकारी शिक्षक थे। शंकर चौधरी देवकंड के राजकीय प्राथमिक विद्यालय में प्रधानाध्यापक के पद पर कार्यरत थे। कुछ माह पूर्व उनकी मौत हो गई थी। जीते जी उनकी एक ही पत्नी थी लेकिन स्वर्गलोक जाने के बाद उनकी दूसरी शादी हो गई। अब उनकी दो-दो जिंदा पत्नियां हैं। पहली पत्नी ने आपत्ति भी जतायी, लेकिन दूसरी पत्नी ने चुप्पी साध रखी है। स्वर्गलोक में यह दूसरी शादी गोह के हथियारा पंचायत के राजस्व कर्मचारी विनय सिंह ने कराई है। हद तो ये है कि राजस्व कर्मचारी ने शादी कराने के बाद गुरुजी की पहली पत्नी को दस्तावेज भी थमा दिया है
जिसके लिए वह महीनों से सरकारी महकमे का चक्कर लगा रही थी। ग्रामीण बताते हैं कि प्रधानाध्यापक शंकर चौधरी की मौत के बाद उनकी पत्नी सिताबी देवी ने गोह अंचल कार्यालय में पारिवारिक सूची बनाने के लिए करीब एक माह पहले आवेदन दिया था। आवेदन देने के बाद सिताबी देवी पारिवारिक सूची को लेकर लगातार अंचल कार्यालय का चक्कर काट रही थी लेकिन राजस्व कर्मचारी कुछ न कुछ बहाना बनाकर दौड़ा रहा था। इसी बीच गुरुवार को राजस्व कर्मचारी ने उसे पारिवारिक सूची बनाकर दे दी जिसमे शंकर चौधरी की पहली पत्नी सिताबी देवी और दूसरी पत्नी का नाम सेम्फुल देवी लिखा मिला। पारिवारिक सूची में दो-दो पत्नियों का नाम दर्ज कर दिया गया। इस पारिवारिक सूची को देख कर सिताबी देवी के होश ही उड़ गए। उसने अंचल कार्यालय में लोगों को पूरा वाक्या बताया। मामला जानकर कार्यालय में लोगों की भीड़ जुट गई।
अंचल कार्यालय में लोगों का हुजूम देख जिला पार्षद पति श्याम सुंदर भी आ पहुंचे। उन्होंने सवाल किया कि बिना जांच किए ही राजस्व कर्मचारी ने शिक्षक की मौत के बाद उनकी दूसरी शादी कैसे करा दी? उन्होंने मामले में औरंगाबाद के जिलाधिकारी से जांच कर कार्रवाई करने की मांग की है। राजस्व कर्मचारी ने जिस दूसरी पत्नी का नाम पारिवारिक सूची में दर्ज किया है वह पहले से ही शादीशुदा है। उनके पति का नाम शिव चौधरी है। मामले में मृत हेडमास्टर की पत्नी सिताबी देवी ने राजस्व कर्मचारी पर मनमानी का आरोप लगाते हुए कहा कि मेरे पति शंकर चौधरी के मरने के बाद मैंने मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाया। जिसमें पत्नी के रूप में मेरा ही नाम सिताबी देवी अंकित है। पारिवारिक सूची के लिए मैंने बने हुए मृत्यु प्रमाण पत्र के साथ कोर्ट एफिडेविट भी जमा किया था लेकिन राजस्व कर्मचारी ने मनमाने तरीके से दूसरी पत्नी का नाम दर्ज कर पारिवारिक सूची जारी कर दी है।
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