- खामेनेई के बेटे मोजतबा को उनका उत्तराधिकारी चुना गया है और वह ईरान के अगले सर्वोच्च नेता बन सकते हैं

खामेनेई के बेटे मोजतबा को उनका उत्तराधिकारी चुना गया है और वह ईरान के अगले सर्वोच्च नेता बन सकते हैं

मीडिया एलेमिक के अनुसार, गंभीर रूप से बीमार ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई कोमा में चले गए हैं। हालांकि, इससे पहले एक गुप्त बैठक में उन्होंने अपने छोटे बेटे मोजतबा को अपना उत्तराधिकारी चुन लिया था। व्यापार, ईरान की ओर से अभी तक इसकी पुष्टि नहीं की गई है।

नई दिल्ली: इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच ईरान से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। बताया जा रहा है कि ईरान के सर्वोच्च नेता खामेनेई ने अचानक अपने दूसरे और छोटे बेटे मोजतबा को अपना उत्तराधिकारी चुन लिया है। हालांकि ईरान की ओर से अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

मीडिया में चल रही खबरों के मुताबिक ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई गंभीर रूप से बीमार हैं और कोमा में चले गए हैं। उन्होंने अपने बेटों को अपना उत्तराधिकारी घोषित करके दुनिया को चौंका दिया है। वे सुप्रीम लीडर्स ऑफिस में कमांडिंग ऑफिसर हैं। ईरान इंटरनेशनल की एक रिपोर्ट में यह जानकारी सामने आई है।

पिछले महीने गुप्त बैठक के बाद हुआ चयन

दावा किया जा रहा है कि अधिकारियों को पिछले महीने एक गुप्त सुराग मिला था। इस दौरान उनके बेटे मोजतबा को खामेनेई का उत्तराधिकारी चुना गया। मोजतबा का जन्म 1969 में मशहद में हुआ था। उन्होंने 1987 से 1988 तक ईरान-इराक युद्ध में हिस्सा लिया था।

अपने पिता की तरह मोजतबा भी इस्लामी मामलों के गुप्त सूत्रधार हैं। बताया जा रहा है कि ईरानी राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी की मौत के बाद मोजतबा को खानई के उत्तराधिकारी का शीर्ष पद दिया जा सकता है।

सितंबर में हुए पेजर धमाकों में वे घायल हो गए थे

उन्होंने स्नातक करने के बाद धर्मशास्त्र की पढ़ाई की और उसके बाद साल 1999 में मौलवी बनकर भी पढ़ाई की। सितंबर महीने में हुए पेजर धमाकों में मोजतबा भी घायल हो गए थे।

वे लेबनान में ईरान समर्थित हिज्बियाई समूह के उन लोगों में शामिल थे जो पेजर और वॉकी-टॉकी का इस्तेमाल कर रहे थे। इस हमले में 3000 से ज़्यादा लोग घायल हुए थे और कम से कम 39 लोगों की मौत हो गई थी। ईरान और हिज़्बुल्लाह ने ये आरोप इज़राइल पर लगाए हैं।

इज़राइल पर 180 मिसाइलें दागी

दावा किया जा रहा है कि पिछले महीने ईरान ने 180 मिसाइलों को नष्ट कर दिया, जो कि इज़राइल की महत्वपूर्ण वास्तुकला है। इसके बाद अयातुल्ला अली ख़ामेनेई ने पाँच साल बाद तेहरा की एक मस्जिद में हज़ारों चमत्कारों को उजागर करते हुए कहा कि इज़राइल ज़्यादा दिन तक नहीं टिकेगा

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