- 'पहले हमने कहा था कि हम सुप्रीम कोर्ट का सम्मान करेंगे, अब...', बाबरी मस्जिद के फैसले पर सवाल उठाने वालों को मौलाना बरेलवी का दो टूक जवाब

'पहले हमने कहा था कि हम सुप्रीम कोर्ट का सम्मान करेंगे, अब...', बाबरी मस्जिद के फैसले पर सवाल उठाने वालों को मौलाना बरेलवी का दो टूक जवाब

ऑल इंडिया मुस्लिम जमात (AIM) ने अब मौलाना महमूद मदनी और तृणमूल कांग्रेस के नेता सिद्दीकुल्लाह के विवादित बयानों पर अपनी आपत्ति जताई है। जमात के अध्यक्ष ने उनके बयानों को दंगे भड़काने वाला बताया है।

ऑल इंडिया मुस्लिम जमात (AIM) के अध्यक्ष शहाबुद्दीन रज़वी बरेलवी ने एक वीडियो जारी किया है। इसमें रज़वी ने पश्चिम बंगाल के मंत्री सिद्दीकुल्लाह चौधरी के बयान पर अपनी आपत्ति जताई है और सलाह भी दी है। उन्होंने सिद्दीकुल्लाह जैसे नेताओं पर स्थिति को सांप्रदायिक बनाने का आरोप लगाया है।

रज़वी ने कहा, "मुसलमानों का मानना ​​है कि बाबरी मस्जिद 400 साल पुरानी ऐतिहासिक मस्जिद थी। हालांकि, राम जन्मभूमि का दावा, कोर्ट की कार्रवाई, सुनवाई, दोनों पक्षों की दलीलें और आखिर में सुप्रीम कोर्ट का फैसला आया। फैसला राम जन्मभूमि के पक्ष में और बाबरी मस्जिद के खिलाफ आया। बाबरी मस्जिद बनाने के लिए अयोध्या में पांच एकड़ ज़मीन दी गई थी। उस मस्जिद का बनना अभी शुरू नहीं हुआ है, जबकि राम मंदिर अब पूरा हो गया है।"

उन्होंने कहा, "तृणमूल कांग्रेस के नेता सिद्दीकुल्लाह चौधरी सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर सवाल उठा रहे हैं। उस समय उन्होंने कहा था कि सुप्रीम कोर्ट जो भी फैसला देगा, वे उसका सम्मान करेंगे। पूरे समुदाय, मुस्लिम नेताओं ने कोर्ट के फैसले का सम्मान करने का वादा किया था, और उन्होंने किया भी। अब इतने सालों बाद, सिद्दीकुल्लाह और मदनी फैसले पर एतराज़ क्यों कर रहे हैं? चाहे वह तृणमूल के हुमायूं कबीर हों, जो बाबरी मस्जिद के नाम पर मस्जिद बनाना चाहते हैं, या अब वे सभी इन मुद्दों को उठाकर सांप्रदायिक माहौल खराब करना चाहते हैं। वे उसी दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।"

AIMJ प्रेसिडेंट ने कहा - देश को सांप्रदायिक दंगों में धकेलने की कोशिश

उन्होंने कहा, "इन लोगों का इरादा शायद देश को फिर से सांप्रदायिक दंगों में धकेलना है। इसका मतलब है कि आप विकास की लड़ाई में आगे नहीं बढ़ना चाहते, बल्कि सिर्फ लोगों को हिंदू-मुस्लिम झगड़े में बांटना चाहते हैं।"

सिद्दीकुल्लाह चौधरी ने क्या कहा? तृणमूल कांग्रेस के नेता सिद्दीकुल्लाह ने शनिवार को बाबरी मस्जिद और SIR को लेकर सवाल उठाए। इसमें उन्होंने कहा कि बाबरी मस्जिद को जबरदस्ती गिराकर मंदिर बनाया गया था। उन्होंने कहा कि कोर्ट में कोई दलील नहीं दी गई, न ही कोई सबूत पेश किया गया। मस्जिद की जगह को सिर्फ आस्था के आधार पर मंदिर माना गया।

मदनी ने क्या कहा?
मौलाना महमूद मदनी ने शनिवार को वंदे मातरम को लेकर भी विवादित बयान दिया। इसमें उन्होंने देश को मुर्दा कौम कहकर निशाना साधा। उन्होंने कई मुद्दों पर चुप रहने के लिए सुप्रीम कोर्ट की भी आलोचना की। उन्होंने यह भड़काऊ बयान भी दिया कि जब भी ज़ुल्म होगा, जिहाद होगा।

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