योगी कैबिनेट ने उत्तर प्रदेश के लिए एक नई ट्रांसफर पॉलिसी को मंज़ूरी दे दी है। यह पॉलिसी मंगलवार से पूरे राज्य में लागू हो जाएगी। विभागों के प्रमुख और मंत्री मिलकर ट्रांसफर प्रक्रिया की देखरेख करेंगे। इसके अलावा, किसानों के लिए मुआवज़े की नई दरें भी तय कर दी गई हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक के दौरान, उत्तर प्रदेश में सरकारी कर्मचारियों के लिए सालाना ट्रांसफर पॉलिसी को मंज़ूरी दी गई। बैठक खत्म होने के बाद, सरकार ने साफ किया कि यह नई पॉलिसी मंगलवार से पूरे राज्य में प्रभावी रूप से लागू हो जाएगी। नई ट्रांसफर पॉलिसी के तहत, विभागों के प्रमुख और उनके संबंधित मंत्री अब कर्मचारियों के ट्रांसफर के संबंध में मिलकर फ़ैसले ले सकेंगे। इसके अलावा, यह भी तय किया गया है कि किसी भी विभाग के भीतर ट्रांसफर कुल मंज़ूर पदों के ज़्यादा से ज़्यादा 10 प्रतिशत तक ही सीमित होंगे।
सरकार का कहना है कि इस पॉलिसी का मकसद प्रशासनिक व्यवस्था को ज़्यादा पारदर्शी, प्रभावी और सुव्यवस्थित बनाना है। इससे विभागों के भीतर काम की गति तेज़ होने और कर्मचारियों की संतुलित तैनाती सुनिश्चित होने की उम्मीद है।
**UP कैबिनेट के अहम फ़ैसले**
* UP में 'एक ज़िला, एक व्यंजन' (One District, One Delicacy) योजना लागू कर दी गई है। अब इन व्यंजनों की ब्रांडिंग को आसान बनाने के लिए उनके लोगो बनाए जाएँगे। यह योजना UP के सभी 75 ज़िलों में लागू की जाएगी। इस पहल के लिए ₹150 करोड़ का बजट आवंटित किया गया है।
* जिन किसानों की ज़मीन सीधे हाई-टेंशन बिजली लाइनों के नीचे आती है, उनके लिए मुआवज़े की दरें 21 से 33 प्रतिशत तक बढ़ा दी गई हैं।
* किसानों को अब बिजली के खंभों के ठीक नीचे स्थित ज़मीन के लिए, साथ ही खंभों के आधार के चारों ओर एक मीटर तक फैली ज़मीन के लिए दोगुना मुआवज़ा मिलेगा। बिजली लाइनों के ठीक नीचे स्थित ज़मीन के लिए, किसानों को ज़मीन के मूल्य के 30 प्रतिशत के बराबर मुआवज़ा मिलेगा।
* UP भर में 35 करोड़ पेड़ और पौधे लगाने का फ़ैसला लिया गया है। इनमें से 30 प्रतिशत फलदार पेड़ होंगे।