उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बकरीद को लेकर "एक्टिव मोड" में हैं। रविवार को, CM योगी ने एक उच्च-स्तरीय बैठक की और इस त्योहार के संबंध में 10 सख्त निर्देश जारी किए।
पूरे देश में बकरीद की तैयारियां चल रही हैं। यह ध्यान देने योग्य है कि बकरीद 28 मई को मनाई जानी है। इसके चलते, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी एक्टिव मोड में आ गए हैं। रविवार को, CM योगी आदित्यनाथ ने एक उच्च-स्तरीय बैठक बुलाई और बकरीद के संबंध में पुलिस अधिकारियों और जिलाधिकारियों (DM) को विशेष आदेश जारी किए। CM योगी ने अनिवार्य किया है कि बकरीद के दिन न तो *नमाज़* (प्रार्थना) और न ही *क़ुर्बानी* (धार्मिक बलि) खुले स्थानों पर की जाएगी। यहाँ CM योगी द्वारा इस त्योहार के संबंध में जारी किए गए 10 सख्त निर्देशों पर एक नज़र डाली गई है:
**खुले में नमाज़ नहीं — CM योगी**
उत्तर प्रदेश प्रशासन को बकरीद के अवसर पर हाई अलर्ट पर रहने का निर्देश दिया गया है। CM योगी आदित्यनाथ ने पुलिस अधिकारियों और DM को निर्देश दिया है कि वे यह सुनिश्चित करें कि किसी भी परिस्थिति में बकरीद के दिन खुले स्थानों पर नमाज़ न पढ़ी जाए; इसके बजाय, नमाज़ मस्जिद परिसर के भीतर ही पढ़ी जानी चाहिए। इसके अलावा, खुले में किसी भी प्रकार की धार्मिक बलि नहीं दी जाएगी, प्रतिबंधित जानवरों की बलि सख्त वर्जित है, और बकरीद का त्योहार स्थापित परंपराओं के अनुसार ही मनाया जाएगा। साथ ही, CM योगी ने स्वच्छता और साफ-सफाई के संबंध में भी सख्त निर्देश जारी किए हैं, और आदेश दिया है कि धार्मिक बलि के बाद कहीं भी कूड़ा या गंदगी जमा न होने दी जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि संभावित उपद्रवियों पर कड़ी नज़र रखी जाए और *ईदगाहों* (नमाज़ स्थलों) पर पुलिस बल तैनात किया जाए।
**बकरीद के लिए CM योगी के 10 प्रमुख निर्देश**
1. नमाज़ मस्जिद परिसर के भीतर ही पढ़ी जानी चाहिए।
2. किसी भी परिस्थिति में खुले स्थानों पर नमाज़ नहीं पढ़ी जाएगी।
3. नमाज़ इस तरह से नहीं पढ़ी जाएगी जिससे सड़कों में रुकावट या जाम लगे।
4. यदि नमाज़ियों की भीड़ बहुत ज़्यादा हो, तो नमाज़ पालियों (shifts) में पढ़ी जानी चाहिए।
5. खुले स्थानों पर किसी भी प्रकार की धार्मिक बलि नहीं दी जाएगी।
6. प्रतिबंधित जानवरों की बलि सख्त वर्जित है।
7. बलि के बाद कहीं भी कूड़ा या गंदगी जमा न होने दी जाए। 8. संभावित उपद्रवियों पर कड़ी नज़र रखी जानी चाहिए।
9. ईदगाहों पर पुलिस बल तैनात रहना चाहिए।
10. संवेदनशील इलाकों में CCTV कैमरों और ड्रोन के ज़रिए निगरानी की जानी चाहिए।