केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने महाराष्ट्र में नवरात्रि कार्यक्रमों को लेकर VHP की गाइडलाइंस से असहमति जताई है। उन्होंने कहा कि किसी को भी ऐसे बयान नहीं देने चाहिए।
महाराष्ट्र में नवरात्रि कार्यक्रमों के लिए विश्व हिंदू परिषद (VHP) की गाइडलाइंस को लेकर चल रही राजनीतिक बयानबाजी थमने का नाम नहीं ले रही है। विपक्षी पार्टियां इस कदम को मुस्लिम-विरोधी बताते हुए इस पर आपत्ति जता रही हैं। अब केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने भी अपनी असहमति जाहिर की है।
उन्होंने कहा कि वह ऐसे बयानों से सहमत नहीं हैं। उन्होंने कहा कि कई हिंदू मुस्लिम दरगाहों पर जाते हैं, इसलिए उनका मानना है कि मुसलमानों को गरबा कार्यक्रमों में शामिल होने से नहीं रोका जाना चाहिए।
VHP के फैसले पर अठावले ने क्या कहा?
न्यूज़ एजेंसी ANI से बात करते हुए अठावले ने कहा, "हम ऐसे बयानों से सहमत नहीं हैं क्योंकि बाबा भीमराव अंबेडकर का संविधान पूरे देश में लागू होता है। यहां सभी धर्मों के लोगों को त्योहार मनाने का अधिकार है। हमने हमेशा हिंदुओं और मुसलमानों के बीच भाईचारे की भावना देखी है। कभी-कभी विवाद हो जाते हैं, लेकिन ऐसी बातें कहना सही नहीं है। कई हिंदू मुस्लिम दरगाहों पर जाते हैं; इसलिए मुझे लगता है कि किसी को भी ऐसे बयान नहीं देने चाहिए।"
उन्होंने आगे कहा, "मेरा मानना है कि हम सभी भारत के नागरिक हैं और भारतीय संविधान का सम्मान करते हैं। हम इस विचार से सहमत नहीं हैं कि मुसलमानों को गरबा कार्यक्रमों में शामिल नहीं होना चाहिए।"
पूरा मामला क्या है?
VHP ने महाराष्ट्र में नवरात्रि के दौरान होने वाले गरबा कार्यक्रमों में मुसलमानों के शामिल होने पर रोक लगा दी है। VHP का तर्क है कि चूंकि यह त्योहार हिंदू देवी की पूजा से जुड़ा है, इसलिए मुसलमानों को गरबा और डांडिया कार्यक्रमों में भाग लेने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। इसके अलावा, कुछ नियम भी तय किए गए हैं, जिनमें प्रतिभागियों के आधार कार्ड की जांच करना और उनके माथे पर तिलक लगाना शामिल है।