पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने पिछले साल हुए विरोध प्रदर्शनों के दौरान कुर्मी समुदाय के सदस्यों के खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लेने की घोषणा की है। इसके अलावा, उन्होंने यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) के बारे में भी एक अहम घोषणा की।
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने रविवार को कहा कि पिछले साल हिंसक विरोध प्रदर्शनों के सिलसिले में कुर्मी समुदाय के सदस्यों के खिलाफ पिछली सरकार द्वारा दर्ज किए गए मामले वापस ले लिए जाएंगे। साथ ही, UCC के मुद्दे पर बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कुर्मी समुदाय के प्रतिनिधियों के अनुरोध पर उन्हें UCC के दायरे से बाहर रखा गया है।
मुख्यमंत्री अधिकारी ने पुरुलिया के कराडी मैदान में आयोजित भव्य कुर्मी करम उत्सव को संबोधित करते हुए यह घोषणा की। समुदाय ने अनुसूचित जनजाति का दर्जा दिए जाने की मांग को लेकर जिले में आंदोलन किया था।
अधिकारी ने आगे कहा कि आंदोलन के दौरान पिछली सरकार द्वारा कुर्मी समुदाय के सदस्यों के खिलाफ दर्ज सभी मामले वापस ले लिए जाएंगे।
**पिछली सरकार ने सिर्फ़ फूट डालने का काम किया**
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी पुरुलिया-1 ब्लॉक के चकलटोर ग्राम पंचायत इलाके में कुर्मी समुदाय के एक कार्यक्रम—'करम पर्वतीय महाजारुया'—को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि पिछली सरकार ने कुर्मी समुदाय के भीतर फूट डालने के अलावा कुछ नहीं किया और अपने वादे पूरे करने में नाकाम रही। इसके बजाय, विरोध प्रदर्शनों के दौरान उसने लोगों के खिलाफ पुलिस तैनात की। पिछली सरकार ने एक भी वादा पूरा नहीं किया; वह स्थानीय लोगों से झूठ बोलती रही, समुदाय के भीतर दरार पैदा करके उन्हें देश के बाकी हिस्सों से अलग-थलग करने की कोशिश की और आंदोलन के दौरान पुलिस बल का इस्तेमाल किया।
**सरकार पार्टी के वादे पूरे करेगी**
इसके अलावा, पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री ने कहा कि BJP, जो इस साल की शुरुआत में सत्ता में आई, पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों से पहले पार्टी द्वारा किए गए वादों को पूरा करेगी। उन्होंने सत्ता संभालने के बाद से कुर्मी समुदाय के लिए अपनी सरकार द्वारा उठाए गए कदमों पर भी प्रकाश डाला। अधिकारी ने कहा, "हमने इस साल के बजट में आपके विकास के लिए ₹50 करोड़ आवंटित किए हैं।" आने वाले दिनों में यह राशि बढ़ाई जाएगी। हम संविधान की आठवीं अनुसूची में कुर्माली और राजबंशी भाषाओं को शामिल करना भी सुनिश्चित करेंगे।