कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने बेंगलुरु में कहा कि CEC (चुनाव आयोग) एक संवैधानिक संस्था है। इसे स्वतंत्र होना चाहिए, लेकिन इसे आज़ादी से काम नहीं करने दिया जा रहा है।
कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने बेंगलुरु में कहा कि CEC एक संवैधानिक संस्था है। यह स्वतंत्र है और स्वतंत्र फ़ैसले लेने में सक्षम है, फिर भी इसे ऐसा करने की इजाज़त नहीं दी जा रही है। उन्होंने बताया कि CEC के दो सदस्यों ने आयोग के अंदरूनी कामकाज का सच सबके सामने रखा है।
खड़गे ने कहा कि CEC के दो सदस्यों ने हो रही गड़बड़ियों की ओर इशारा किया और अपनी चिंताएँ ज़ाहिर कीं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने आगे आरोप लगाया कि ऐसा इसलिए हो रहा है क्योंकि 'वोट की चोरी' जारी रखने की मंशा है; केंद्र और राज्यों में बनी सरकारें इसी तरह की 'वोट की चोरी' के दम पर बनी थीं।
ज्ञानेश कुमार पर टिप्पणी
प्रधानमंत्री पर निशाना साधते हुए कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे ने कहा कि पीएम मोदी ने मुख्य चुनाव आयुक्त और सदस्यों से जुड़ा 2023 का कानून खास तौर पर ऐसा माहौल बनाने के लिए पेश किया था। उन्होंने उन्हें यह सुरक्षा (इम्युनिटी) दी—ऐसी सुरक्षा जो भारत के राष्ट्रपति या मुख्य न्यायाधीश को भी नहीं मिलती, लेकिन एक चुनाव आयुक्त को दी गई।
हम इसके ख़िलाफ़ लड़ेंगे – खड़गे
खड़गे ने सवाल उठाया कि उन्हें (ज्ञानेश कुमार को) यह सुरक्षा क्यों दी गई और उसके बाद ही यह प्रक्रिया क्यों शुरू की गई। उन्होंने आगे कहा कि उन्हें (CEC को) किसी भी गलती—जैसे वोट की चोरी या EVM से जुड़े मुद्दों—के लिए आजीवन सुरक्षा (इम्युनिटी) दी गई है। इसका मतलब है वोटों को हड़पने और लोकतंत्र को कमज़ोर करने की साज़िश; वे ऐसे काम कर रहे हैं और हम इसके ख़िलाफ़ लड़ेंगे।
INDIA गठबंधन सोमवार को दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त के ख़िलाफ़ बड़ा विरोध प्रदर्शन करने जा रहा है। इस कार्यक्रम में ममता बनर्जी समेत कई पार्टियों के नेता शामिल होंगे। कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने साफ़ कहा है कि INDIA गठबंधन तब तक लड़ता रहेगा जब तक ज्ञानेश कुमार हट नहीं जाते।