INDIA गठबंधन, मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ 'जनता की अदालत' में एक तरह का 'महाभियोग' (impeachment) लाने की तैयारी कर रहा है। पार्टी के महासचिव के.सी. वेणुगोपाल ने यह जानकारी दी और बताया कि गठबंधन 1 नवंबर को रामलीला मैदान में एक बड़ी रैली करेगा।
INDIA गठबंधन, वोटों की कथित चोरी और मतदाता सूची में गड़बड़ियों के मुद्दे पर पीछे हटने के मूड में नहीं है। इसके लिए वे मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को जिम्मेदार मानते हैं। गठबंधन ने एक बड़ी रणनीति बनाई है: वे ज्ञानेश कुमार को जवाबदेह ठहराने के लिए 'जनता की अदालत' में एक 'महाभियोग' प्रस्ताव लाना चाहते हैं।
कांग्रेस महासचिव के.सी. वेणुगोपाल ने 'X' पर एक पोस्ट में कहा कि संविधान की रक्षा करने और वोट चुराने वालों को हराने की कोशिशों के तहत, INDIA गठबंधन 30 अक्टूबर को एक बड़ा 'जनता द्वारा महाभियोग' कार्यक्रम आयोजित करेगा।
जनता अपना फैसला सुनाएगी: वेणुगोपाल
उन्होंने आगे बताया कि जनता का फैसला—जिसमें मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग की जाएगी—स्पष्ट रूप से सामने रखा जाएगा। इस 'महाभियोग' प्रक्रिया के बाद, गठबंधन वोट चोरी के खिलाफ 'चलो दिल्ली' अभियान चलाएगा, जो नवंबर में रामलीला मैदान में जाकर खत्म होगा। इसमें कम से कम 10 लाख जागरूक नागरिकों के शामिल होने की उम्मीद है।
उन्होंने बताया कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने INDIA गठबंधन में शामिल सभी दलों से संपर्क किया है और उनसे अपील की है कि वे अपने नेताओं और सदस्यों की दिल्ली में बड़ी संख्या में मौजूदगी सुनिश्चित करें।
इससे पहले, 'X' पर एक तस्वीर साझा करते हुए वेणुगोपाल ने बताया कि उन्होंने अजय माकन के साथ मिलकर AICC प्रभारियों, PCC अध्यक्षों और दिल्ली के वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात की। यह बैठक 1 नवंबर को होने वाली 'वोट चोरी' के खिलाफ एक मेगा-रैली की तैयारियों पर केंद्रित थी।
INDIA गठबंधन करेगा मेगा-रैली
इससे पहले, कांग्रेस ने घोषणा की थी कि INDIA गठबंधन 1 नवंबर को रामलीला मैदान में अपनी अब तक की सबसे बड़ी रैली आयोजित करेगा। यह रैली मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और मतदाता सूची में पाई गई गड़बड़ियों के विरोध में आयोजित की जा रही है। दावा किया जा रहा है कि इस रैली में लाखों लोग शामिल होंगे और गठबंधन के सभी प्रमुख नेता भी इसमें मौजूद रहेंगे।
BJP ने मेगा-रैली पर साधा निशाना
इस बीच, BJP ने इस रैली पर निशाना साधते हुए कहा है कि 1 नवंबर की तारीख जानबूझकर चुनी गई है। यह तारीख 1 नवंबर 1984 को हुए सिख-विरोधी दंगों की याद दिलाती है। BJP का यह भी दावा है कि गठबंधन के अन्य सदस्य इस तारीख से सहमत नहीं थे।