दिल्ली में 1 नवंबर से प्रदूषण नियंत्रण के कड़े उपाय लागू होने जा रहे हैं। रविवार से, दिल्ली में नॉन-BS-VI वाहनों के प्रवेश पर रोक रहेगी। इसके अलावा, 50 प्रतिशत कर्मचारी 'वर्क फ्रॉम होम' (घर से काम) करेंगे।
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सभी नागरिकों, वाहन मालिकों, निर्माण एजेंसियों, संस्थानों और रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (RWA) से अपील की है कि वे 1 नवंबर से लागू होने वाले वायु प्रदूषण नियंत्रण नियमों का पालन करें। मुख्यमंत्री ने दिल्ली के बाहर पंजीकृत नॉन-BS-VI वाहनों पर प्रतिबंध, 50 प्रतिशत कर्मचारियों के लिए 'वर्क फ्रॉम होम' की अनिवार्यता, और निर्माण व तोड़फोड़ (demolition) कार्यों पर रोक जैसे उपायों का जिक्र करते हुए कहा कि ये सभी प्रतिबंध 1 नवंबर से लागू कर दिए जाएंगे।
**प्रदूषण नियंत्रण उपायों को सख्ती से लागू किया जाएगा**
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि दिल्ली सरकार के पर्यावरण विभाग ने इन प्रतिबंधों को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए सभी जरूरी तैयारियां कर ली हैं। उन्होंने कहा कि परिवहन विभाग, दिल्ली ट्रैफिक पुलिस, दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (DPCC), नगर निगमों और अन्य संबंधित एजेंसियों को इन नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
**प्रदूषण को उसके स्रोत पर ही नियंत्रित करने पर जोर**
पर्यावरण विभाग ने कहा कि इन प्रतिबंधों का उद्देश्य प्रदूषण को उसके स्रोत पर ही नियंत्रित करना है। इसके लिए एक 'विशेष प्रवर्तन टीम' (Special Enforcement Team) तैनात की जाएगी। साथ ही, ANPR (ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन) कैमरों और AI-आधारित 'इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर' के जरिए लगातार निगरानी रखी जाएगी। गौरतलब है कि दिल्ली सरकार ने सर्दियों के मौसम में प्रदूषण से निपटने के लिए एक 'विंटर एक्शन प्लान' भी तैयार किया है।
**ध्यान रखने योग्य मुख्य नियम**
1 नवंबर से 31 जनवरी तक, दिल्ली के बाहर पंजीकृत ऐसे मोटर वाहनों के चलने पर रोक रहेगी जो BS-IV या उससे पुराने उत्सर्जन मानकों (emission standards) का पालन करते हैं। CNG और इलेक्ट्रिक वाहनों, एम्बुलेंस, दमकल गाड़ियों, पुलिस वाहनों और अधिकारियों द्वारा विशेष रूप से छूट प्राप्त अन्य श्रेणियों के वाहनों को इससे बाहर रखा जाएगा।
धूल पैदा करने वाली सभी तरह की तोड़फोड़ और निर्माण गतिविधियों पर प्रतिबंध रहेगा। आवश्यक सार्वजनिक बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को कुछ विशेष शर्तों के साथ छूट दी जा सकती है। हालाँकि, निर्माण स्थलों पर आंतरिक फिनिशिंग, प्लंबिंग और बिजली का काम जारी रह सकता है, बशर्ते धूल नियंत्रण के मानकों का पालन किया जाए।
1 नवंबर से 28 फरवरी तक, पूरे दिल्ली में अधिकृत पार्किंग स्थलों पर पार्किंग शुल्क दोगुना कर दिया जाएगा। दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) के स्वामित्व और प्रबंधन वाली पार्किंग सुविधाओं को इस बढ़ोतरी से छूट दी जाएगी।
1 नवंबर से 31 जनवरी तक, सरकारी और निजी दोनों तरह के कार्यालयों में कर्मचारियों की अधिकतम 50% उपस्थिति अनिवार्य होगी; बाकी कर्मचारी घर से काम (वर्क फ्रॉम होम) करेंगे। हालाँकि, आवश्यक और आपातकालीन सेवाओं को विशेष छूट दी जाएगी।
यातायात की भीड़ को कम करने में मदद के लिए, MCD कार्यालय सुबह 8:30 बजे से शाम 5:00 बजे तक काम करेंगे, जबकि दिल्ली सरकार के कार्यालय सुबह 10:00 बजे से शाम 6:30 बजे तक चलेंगे।